उत्तराखंड में कम बारिश के कारण बिजली भी कम बन रही है, राज्य का बिजली उत्पादन पांच साल पुराने स्तर पर आ गया है। दूसरी तरफ बिजली की मांग 4 करोड़ यूनिट से ऊपर जाने लगी है।
-
राज्य समीक्षा डेस्क
-
Advertisement
ये ट्रेक्स गूगल मैप पर भी नहीं मिलेंगे! केदार हिमालय के छुपे हुए रास्ते
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
Example Ads Media
Image: Electricity production fallen to 5 year old level
देहरादून: उत्तराखंड में लंबे समय से बारिश न होने की वजह से राज्य में बिजली उत्पादन नीचे जाकर पांच साल पुराने स्तर पर पहुंच गया है। यूजेवीएनएल के कई जल विद्युत गृहों का उत्पादन आंकड़ा नीचे चला गया है। उधर, बिजली की मांग चार करोड़ यूनिट से ऊपर जाने लगी है।
Electricity production fallen to 5 year old level
उत्तराखंड में यूजेवीएनएल का बिजली उत्पादन घट रहा है, यूपीसीएल की बिजली मांग बढ़ रही है। पूर्व में 2.2 करोड़ यूनिट तक चल रहा बिजली उत्पादन 70 लाख यूनिट तक गिर गया है। बिजली की मांग चार करोड़ यूनिट है, जिसके सापेक्ष राज्य की 70 लाख यूनिट, केंद्रीय पूल की 1.6 करोड़ यूनिट, अन्य माध्यमों से 1.6 करोड़ यूनिट बिजली उपलब्ध हो रही है। इस तरह 4 करोड़ के सापेक्ष 3.9 करोड़ यूनिट बिजली की सप्लाई वर्तमान तक की जा रही है।
सर्दियों में बिजली की मांग बढ़ी तो हो सकती है परेशानी
यूपीसीएल के अफसरों का कहना है कि फिलहाल तो स्थिति नियंत्रण में है लेकिन बिजली की मांग बढ़ने के बाद थोड़ी परेशानी हो सकती है। कहा जा रहा है कि यूपीसीएल इसके इंतजाम कर रहा रहा है, फिलहाल बारिश न होने से बिजली का संकट भी गहरा गया है।