गढ़वाल: अवार्ड देने बेस अस्पताल श्रीकोट पहुंची निरीक्षण टीम, अव्यवस्थाएं देखीं तो दे दी हिदायत

रविवार को निरीक्षण टीम बेस अस्पताल श्रीकोट पहुंची और करीब एक घंटे बाद मुख्य चिकित्साधिक्षक के पहुंचने पर निरीक्षण शुरू किया गया। अस्पताल के हालात देखकर तीन सदस्यीय कलाकल्प टीम स्टाफ को जरूरी हिदायत देकर लौट गई।
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Base Hospital Srikot: Kayakalp team inspect Base Hospital Srikot find irregularities
Image: Kayakalp team inspect Base Hospital Srikot find irregularities

श्रीनगर गढ़वाल: गढ़वाल में बेस अस्पताल श्रीकोट श्रीनगर। इस अस्पताल पर रुद्रप्रयाग, चमोली, पौड़ी और टिहरी गढ़वाल के बहुत सारे मरीज निर्भर हैं। इस साल के केंद्र सरकार द्वारा दिए जाने वाले कायाकल्प अवार्ड के लिए अस्पताल का निरीक्षण किया गया तो दुनिया भर की अव्यवस्थाएं पाई गई। इसके बाद कायाकल्प अवार्ड की राज्य सरकार की टीम अस्पताल मैनेजमेंट को नसीहत देकर लौट गई।

Kayakalp team inspect Base Hospital Srikot, find irregularities

दरअसल, केंद्र सरकार की ओर से दिए जाने वाले कायाकल्प पुरस्कार को लेकर राज्य सरकार की तीन सदस्यीय कलाकल्प टीम द्वारा बेस अस्पताल श्रीकोट का निरीक्षण किया गया था। टीम ने अस्पताल की इमरजेंसी गायनी वार्ड, ब्लड बैंक समेत अन्य विभागों का निरीक्षण किया, झके बाद टीम ने अस्पताल के डोक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को जरूरी हिदायत दी। निरीक्षण के दौरान इमरजेंसी वार्ड में बायोमेडिकल वेस्ट को व्यवस्थित रूप से ना रखें जाने समेट कई कमियां टीम को मिली।

उत्तराखंड के सात अस्पतालों का हो रहा निरीक्षण

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत कायाकल्प अवार्ड के लिए इन दिनों प्रदेश के मुख्य अस्पतालों का निरीक्षण किया जा रहा है। पीयर असेसमेंट टीम के डॉ रोहित ग्रोवर ने बताया की पौड़ी गढ़वाल जिले में कायाकल्प अवार्ड के तहत कुल सात अस्पतालों का निरीक्षण किया गया। रविवार को निरीक्षण टीम श्रीकोट पहुंची और करीब एक घंटे बाद मुख्य चिकित्साधिक्षक के पहुंचने पर निरीक्षण शुरू किया। टीम ने सबसे पहले इमरजेंसी वार्ड का निरीक्षण किया, यहां टीम ने नर्सिंग स्टाफ को व्यवस्थित रूप से अलग-अलग डिपो में बायोमेडिकल वेस्ट रखने व सेग्रीगेशन की हिरासत दी। साथ ही इमरजेंसी के ऑपरेशन थियेटर में तीमारदार जूते पहने मिले, वही वार्ड के बाहर फेंके खराब बेड व अनावश्यक उपकरणों को इमरजेंसी वार्ड से निस्तारित करने की सलाह दी। इसके बाद इमरजेंसी डिस्पेंसरी में टीम द्वारा दवाओं के साथ रजिस्टरों की जांच की गई।