सोशल मीडिया पर रामनगर को रहमत नगर बना दिए जाने की ख़बरों के बाद जांच हुई तो पता चला कि कोसी नदी के किनारे बाहर से आए कुछ विशेष समुदाय के लोग अवैध कब्जे कर रहे हैं। जांच में यह भी बात सामने आई कि यह लोग वन विभाग की भूमि को बेच रहे हैं।
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Image: Tahir and Usman sold forest department land
रामनगर: एक खबर सोशल मीडिया पर नैनीताल जिले में अचानक वायरल हो गई, नैनीताल जिले में पान की ठेलियों और चाय की दुकानों पर रामनगर को रहमत नगर बना दिए जाने के षड्यंत्र के बारे में चर्चाएं चलने लगी।
Tahir and Usman sold forest department land
इसके बाद जांच हुई तो पता चला कि कोसी नदी के किनारे बाहर से आए कुछ विशेष समुदाय के लोग अवैध कब्जे कर रहे हैं। जांच में यह भी बात सामने आई कि यह लोग वन विभाग की भूमि को 10, 20 और 100 रुपयों के स्टांप पेपर पर औने पौने दामों में बेच रहे हैं।
SDM की जांच के बाद गठित हुई SIT
इस खबर के बाद प्रशासनिक गलियारों में हडकंप मच गया। नैनीताल जिला मजिस्ट्रेट ने एसडीएम रामनगर से जांच करवाई। पता लगा की वन भूमि को अपनी भूमि बता कर ताहिर और उस्मान नामक भू-माफिया गैंग ने सैकड़ो लोगों को सरकारी जमीन बेच डाली है। एसडीएम ने अपनी आख्या डीएम नैनीताल को उपलब्ध कराई। एसडीएम की आख्या में जो कुछ लिखा था उसके बाद CM धामी ने SIT जांच कराने के संबंध में निर्देश दे दिए। एसआईटी ने वन भूमि और राजस्व भूमि पर अवैध कब्जा किए जाने और स्टांप पेपरों के माध्यम से सरकारी भूमि को बेचने आदि के प्रकरण में अपराधिक मामले दर्ज किये और संदिग्धों की जांच शुरू की।
बिजली विभाग पर भी केस
इस मामले में वन विभाग ने बिजली विभाग पर भी केस दायर कर दिया था। दरअसल भूमि पर वन विभाग की परमिशन के बिना बिजली विभाग ने कनेक्शन जारी कर दिए थे। इसके बाद यह कनेक्शन काट दिए गए और बाद में लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया तो फिर से कनेक्शन जोड़ दिए गए। सवाल ये था कि आखिर कैसे कोई व्यक्ति इतने बड़े पैमाने पर सरकारी जमीन को बेचने की हिमाकत कर सकता है। इस मामले में भू माफिया गैंग पर राजनीतिक और प्रशासनिक संरक्षण होने की बात भी चल रही है।
आरोपियों के खिलाफ मामले दर्ज
वन विभाग के पश्चिम फॉरेस्ट रेंज के डीएफओ के निर्देदेश पर रेंजर ने पुलिस कोतवाली में मोहम्मद ताहिर और उसके दो अन्य साथियों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया। ताहिर और उस्मान भू-माफिया गैंग में धीरेंद्र और कमला देवी का नाम भी बताया जा रहा है। आरोपियों ने कोसी नदी के किनारे अतिक्रमण करके पहले मस्जिद और मदरसे-मजार बनाये और उनकी आड़ में वन विभाग की जमीन पर कब्जा कर उसके औने पौने दाम पर सौदे कर दिए। आरोपियों के खिलाफ 420, 467, 468 और 471 धाराओं में मामले दर्ज कर दिए गए हैं।