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चमोली: तरुण ममगाईं के पिता महेशानंद ममगाईं भी सेना में सूबेदार हैं। उनके दादा मोहन दत्त BRO यानी बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उनके चाचा के लड़के संजय भी सेना में मेजर हैं। तरुण को बचपन से ही घर में सेना का माहौल मिला। इसके बाद तरुण ने भी देश सेवा के लिए अपना जीवन न्योछावर करने की ठान ली।
तरुण ममगाईं ने तीसरे प्रयास में टेक्निकल ग्रेजुएट कोर्स टीजीसी उत्तीर्ण कर सेना में अधिकारी बनने का गौरव प्राप्त किया है। चमोली जिले की तहसील गैरसैंण के कोठा गांव के तरुण महंगाई, देहरादून आईएमए में हुई पासिंग आउट परेड के बाद सेना में अधिकारी बन गए हैं। सेना में सूबेदार पिता महेशानंद के साथ ही उनका पूरा परिवार सेना में है। तरुण ने पांचवीं तक आर्मी स्कूल दिल्ली कैंट से शिक्षा की इसके बाद वह इंदौर चले गए। छठीं से 12वीं तक वह इंदौर के आर्मी स्कूल महू में पढ़े।
आर्मी स्कूल से निकलने के बाद उन्होंने इंदौर के मेडिकैप विश्वविद्यालय से कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग की। अब तरुण मंमगाई ने सेना में अधिकारी बनकर परिवार को एक बार फिर गर्वित होने का मौका दे दिया। तरुण को जब उनके सूबेदार पिता महेशानंद ने देखा तो उन्होंने भीगी आंखों के साथ एक करारा सैल्यूट बेटे के नाम कर दिया। तरुण की मां रेखा मंमगाई हैं और बहन अंजली मेडिकल की पढ़ाई कर रही हैं। सूबेदार पिता ने बताया कि अभी उनके रिटायरमेंट में 2 साल का समय है, उन्होंने कहा कि यह गर्व की बात है कि वह और उनका पुत्र एक ही समय में एक साथ देश की सेवा करेंगे।