चमोली जिले में गौचर क्षेत्र का बेटा सेना में अधिकारी बन गया है। गौचर के रानीगढ़ क्षेत्र के दुवा गांव निवासी कुलदीप सिंह कंडारी देहरादून में IMA POP के बाद असम राईफल असिस्टेंट कमांडेंट बन गए हैं।
-
राज्य समीक्षा डेस्क
-
Advertisement
जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
Example Ads Media
Image: Kuldeep Singh Kandari became Assistant Commandant
चमोली: कुलदीप सिंह कंडारी के पिता असम राइफल्स से सूबेदार रिटायर्ड हैं। पिछले 13 वर्षों से कुलदीप भी असम राइफल्स में सिपाही पद पर तैनात थे। ड्यूटी के दौरान ही उन्होने ऑफिसर स्पेशल कमीशन पास की और अब वो असम राइफल्स में ही असिस्टेंट कमांडेंट बन गए हैं।
Kuldeep Singh Kandari became Assistant Commandant
पहाड़ के चमोली जिले में गौचर क्षेत्र का बेटा सेना में अधिकारी बन गया है। गौचर के रानीगढ़ क्षेत्र के दुवा गांव निवासी कुलदीप सिंह कंडारी देहरादून में IMA POP के बाद असम राइफल्स असिस्टेंट कमांडेंट बन गए हैं। कुलदीप की उम्र 35 वर्ष है और वो पिछले 13 वर्षों से असम राइफल्स में सिपाही के पद पर तैनात थे.
पिता असम राईफल से सूबेदार रिटायर्ड
कुलदीप के पिता मदन सिंह कंडारी असम राइफल्स से सूबेदार रिटायर्ड हैं। पिता असम राइफल्स में तैनात थे तो इनकी प्रारंभिक शिक्षा, हाई स्कूल, इंटर और स्नातक सब असम में ही, नागालैंड मणिपुर से ही पूरी शिक्षा हुई। माता श्रीमती शांता देवी और पत्नी सपना देवी गृहिणी हैं। कुलदीप का परिवार वर्तमान समय में रायपुर देहरादून में निवास करता है।
कमीशन पास कर बने सेना में अधिकारी
पिछले 13 वर्षो से कुलदीप असम राइफल में सिपाही पद पर सेवारत थे। इसी दौरान इन्होने ऑफिसर स्पेशल कमीशन पास कर के 14 दिसंबर 2024 को IMA देहरादून में संपन्न हुई पासिंग आउट परेड के बाद इनकी तैनाती असम राईफल में ही असिस्टेंट कमांडेंट पद पर हुई है। गौचर के दुवा गांव में कुलदीप सिंह कंडारी के सेना में ऑफिसर बनने से खुशी की लहर है।