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बागेश्वर: मूल रूप से बागेश्वर के निवासी निर्मल जोशी का वर्ष 2021 में एनडीए में चयन हुआ था। निर्मल जोशी ने एनडीए परीक्षा परिणाम में पूरे देश में 326वीं रैंक प्राप्त की थी। अब सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त कर लगभग साढ़े 3 साल बाद निर्मल भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बन गए हैं।
निर्मल जोशी बताते हैं कि सेना में भर्ती होना और अधिकारी बनना उनके बचपन का सपना था, जो कि पूरा हो गया है। निर्मल जोशी के पिता देवेंद्र सिंह जोशी भारतीय सेना में नायक सूबेदार हैं। उनकी मां भावना जोशी कुसुमखेड़ा में गिफ्ट शॉप चलाती हैं। प्रारंभिक शिक्षा अल्मोड़ा के ग्रीन फील्ड पब्लिक स्कूल से करने के बाद निर्मल ने इंटरमीडिएट की पढ़ाई नैनी वैली स्कूल से की। इसके बाद वह आगे नैनीताल के हल्द्वानी में रहे। हल्द्वानी से ही उन्होंने एनडीए के एग्जाम दिए और वर्ष 2021 में सेलेक्ट होकर प्रशिक्षण शुरू किया।
वर्तमान में निर्मल का परिवार नैनीताल जिले की हल्द्वानी तहसील के छड़ायल में रहता है। निर्मल अपने परिवार के ऐसे पहले सदस्य हैं जो सेना में अधिकारी बनने जा रहे हैं उनके पिता दिनेश चंद्र जोशी भारतीय सेना में नायब सूबेदार के पद पर तैनात हैं। अब लगभग साढ़े 3 साल सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त कर निर्मल जोशी भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बन गए हैं। आईएमए में हुई पासिंग आउट परेड में उत्तराखंड के कई युवाओं ने सेना में अधिकारी बन कर देवभूमि का मान बढाया है। इन्हीं में एक बागेश्वर के निर्मल जोशी ने सेना में लेफ्टिनेंट बनने का गौरव हासिल किया है।