उत्तराखंड: हेली एम्बुलेंस से समय पर AIIMS पहुंची गर्भवती, जटिल सर्जरी के बाद गूंज उठी किलकारी

उत्तरकाशी से एक गर्भवती महिला को संजीवनी परियोजना के अंतर्गत हेली एम्बुलेंस के माध्यम से AIIMS ऋषिकेश पहुंचाया, महिला की डिलीवरी सफल रही जच्चा-बच्चा स्वस्थ हैं।
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AIIMS Rishikesh Heli Ambulance: Heli Ambulance  Pregnant saved by taking to AIIMS Rishikesh on time
Image: Heli Ambulance Pregnant saved by taking to AIIMS Rishikesh on time

ऋषिकेश: AIIMS से संचालित देश की पहली सरकारी हेली एम्बुलेंस सेवा के माध्यम से उत्तरकाशी के जोशियाड़ा क्षेत्र से एक प्रसूता को प्रसव के लिए एम्स ऋषिकेश पहुंचाया गया। जहां प्रसूति विभाग के विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने हाईरिस्क सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम देकर डिलीवरी कराई। चिकित्सकों ने बताया कि जच्चा बच्चा पूरी तरह से स्वस्थ हैं। हाईरिस्क सर्जरी के चलते पेशेंट को कुछ दिन रिकवरी के बाद डिस्चार्ज किया जाएगा।

Heli Ambulance: Pregnant saved by taking to AIIMS Rishikesh on time

हेली एंबुलेंस के माध्यम से उत्तरकाशी के जोशियाडा हेलीपैड से स्थानीय धनारी क्षेत्र निवासी एक गर्भवती महिला को हाईरिस्क डिलीवरी केस के चलते एम्स,ऋषिकेश लाया गया। प्रसूति विभाग की विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. ओम कुमारी ने बताया कि जिला चिकत्सालय उत्तरकाशी से एक गर्भवती महिला रीतू पयाल पत्नि चंदन पयाल निवासी दिखौल, पोस्ट भटवाड़ी को संजीवनी परियोजना के अंतर्गत संचालित हेली एम्बुलेंस के माध्यम से जोशीयाडा हेलीपैड से AIIMS ऋषिकेश भेजा गया था।

पहली बार जैसी होनी चाहिए वैसी दिखीं स्वास्थ्य सेवाएं

लगभग डेड महिना पहले, 29 अक्टूबर को भगवान धन्वंतरी दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा ये सेवा शुरू की गई थी। पहाड़ों में जैसा हमेशा होता आया है, उत्तरकाशी में महिला को दी जाने वाली शल्य चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं थी, लिहाजा उन्हें एम्स ऋषिकेश के लिए रेफर किया गया। समय पर हेली एंबुलेंस मिली, जिसमें प्रसूति विभाग की डॉ. ओम कुमारी व ट्रॉमा एसएनओ अखिलेश उनियाल टीम के आब्जर्वेशन में एम्स पहुंचाया गया। हाईरिस्क सर्जरी को सफलता पूर्वक करने के बाद, जच्चा बच्चा पूरी तरह से स्वस्थ हैं। पहली बार स्वास्थ्य सेवाएं जैसी होनी चाहिए वैसी ही दिख रही हैं।

हेली इमरजेंसी सेवा गंभीरतम मरीजों को निशुल्क

इस अवसर पर एम्स की हेली एंबुलेंस सेवा के नोडल अधिकारी डॉ. मधुर उनियाल ने बताया कि एम्स द्वारा संचालित राज्य सरकार द्वारा समर्थित यह हेली इमरजेंसी सेवा गंभीरतम मरीजों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह से निशुल्क है। वरिष्ठ नर्सिंग अधिकारी अखिलेश उनियाल ने बताया कि इस सेवा का उपयोग दुर्घटना में गंभीररूप से घायल अथवा अत्यधिक बीमार मरीज कर सकते हैं। जिन्हें जिला चिकित्सालय, राजकीय चिकित्सालयों के माध्यम से हायर सेंटर के लिए रेफरल किया जाएगा, ऐसे मरीज प्रशासन के सहयोग से हेली एंबुलेंस का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

सेवा से जुड़े उत्तराखंड के सभी 13 जिले

इस हेली एंबुलेंस सेवा को सूबे के सभी 13 जिलों के आपदा प्रबंधन कार्यालयों के माध्यम से एम्स के हेली एंबुलेंस से जोड़ा गया है। गौरतलब है कि एम्स, ऋषिकेश के द्वारा संजीवनी हेली इमरजेंसी मेडिकल सर्विस, (हेम्स) के माध्यम से उत्तराखंड के सुदूरवर्ती क्षेत्रों से गंभीर मरीजों को तत्काल चिकित्सा सहायता मुहैया कराने के उद्देश्य से बीते 29 अक्टूबर-2024 को भगवान धन्वंतरी दिवस के अवसर पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस सेवा का वर्चुअल माध्यम से विधिवत शुभारंभ किया गया था, एम्स परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में सूबे के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी,पूर्व सीएम एवं हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत सहित कई हस्तियों ने प्रमुखता से शिरकत की थी।