Uttarakhand News: जनवरी 2025 में उत्तराखंड में पहली बार लागू होगी UCC, जानिये क्या बदल जाएगा

उत्तराखंड का समान समान नागरिक संहिता कानून, सबको साथ लेकर चलने की मूलभावना पर चलते हुए समाज को नई दिशा देगा। यह कानून विशेषकर देवभूमि की महिलाओं और बच्चों के सशक्तिकरण के नए द्वारा खोलेगा।
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UCC in Uttarakhand: UCC in Uttarakhand from Jan 2025
Image: UCC in Uttarakhand from Jan 2025

देहरादून: उत्तराखंड में जनवरी 2025 से समान नागरिक संहिता लागू कर दी जाएगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। समान नागरिक संहिता लागू होने पर स्वतंत्रता के बाद यह कानून बनाने वाला उत्तराखंड पहला राज्य बन जाएगा।

UCC in Uttarakhand from Jan 2025

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में हुई बैठक में कहा कि समान नागरिक संहिता को लागू करने के लिए सरकार सारा काम पूरा कर चुकी हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संहिता के प्रविधान लागू करने के लिए कार्मिकों को समुचित प्रशिक्षण देने को सभी तहत की आधारभूत सुविधाएं जुटा ली जाएं। इसकी अधिक से अधिक सेवाओं को ऑनलाइन रखते हुए जनसमान्य की सुविधा का भी ख्याल रखा जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनसामान्य की सुलभता के दृष्टिगत समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए एक पोर्टल तथा मोबाइल एप भी तैयार किया गया है। इसमें पंजीकरण अपील आदि की सभी सुविधाएं ऑनलाइन माध्यम से उपलब्ध कराई जा सकेंगी।

ये हैं मुख्य प्रविधान

संहिता में मुख्य रूप से महिला अधिकारों के संरक्षण को केंद्र में रखा गया है। इसे चार खंडों, विवाह और विवाह विच्छेद, उत्तराधिकार, सहवासी संबंध (लिव इन रिलेशनशिप) और विविध में विभाजित किया गया हैं। इसमें बहु विवाह, बाल विवाह, तलाक़, हलाला जैसी प्रथाओं पर रोक लगाई गई है।
विवाह का पंजीकरण अनिवार्य: ऐसा न करने वाले को सरकारी सुविधाओं से वंचित रहना पड़ सकता है। इसमें पति पत्नी के जीवित रहते हुए दूसरा विवाह पूर्ण रूप से प्रतिबंधित किया गया है।
धर्म परिवर्तन: दंपति में यदि कोई भी दूसरे की सहमति से अपना धर्म परिवर्तन करता है, तो दूसरे व्यक्ति को उस व्यक्ति से तलाक़ लेने व गुजारा भत्ता लेने का पूरा अधिकार दिया गया है।
लिव इन रिलेशनशिप: इस दौरान पैदा हुए बच्चों को जैविक संतान की भांति अधिकार देने की व्यवस्था की गई है। पंजीकरण अनिवार्य किया गया है।