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हल्द्वानी: डॉ. सुशीला तिवारी अस्पताल (STH) में आउटसोर्स के माध्यम से रखी गईं 150 नर्सों को जॉब से निकालने की तैयारी शुरू हो गई है। जॉब से निकाले जाने की सूचना मिलने के बाद से नर्सों में हड़कंप मचा है। इनमें से ज्यादातर नर्से कुमाऊं के विभिन्न जिलों से हल्द्वानी में किराये पर रह कर एसटीएच में नौकरी कर रही हैं।
कुमाऊं के सबसे बड़े अस्पताल एसटीएच में नर्सों के 346 पद हैं। वर्तमान में एसटीएच में 250 नर्स तैनात हैं। इनमें करीब 56 नर्स नियमित हैं, जबकि 194 नर्सों उपनल और प्राइवेट एजेंसी के माध्यम से कॉन्ट्रेक्ट पर रखी गई हैं। कॉन्ट्रेक्ट पर रखीं 194 नर्स में से 150 को जल्द एसटीएच से बाहर करने की तैयारी है। जल्द ही मामले में कॉलेज प्रबंधन आदेश जारी करेगा।
कुमाऊं के विभिन्न जिलों से हल्द्वानी में किराये का मकान लेकर रह रही नर्से नौकरी से निकाले जाने की सूचना से परेशान हैं। एक नर्स ने बताया कि वह अल्मोड़ा से हल्द्वानी आकर एसटीएच में नौकरी कर रही थी। उसने बताया कि मैं अपनी वेतन से ही घर पर भी पैसे भेजती हूँ। अब दोबारा से नौकरी ढूंढनी होगी और नई सैलरी के मुताबिक नया कमरा ढूंढना होगा। मामले में राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अरुण जोशी का कहना है कि नियमित नर्सों के अगले माह के पहले हफ्ते में ज्वाइन करने की संभावना है।