प्रेमिका के पिता ने प्रेमी को फंसाने के उद्देश्य से उसकी बाइक में चरस का पैकेट रख दिया और पुलिस ने जांच के दौरान उसे गिरफ्तार कर लिया। छात्र की दुहाई पर पुलिस ने कॉलेज के सीसीटीवी फुटेज की मदद से असली आरोपी का पता लगा लिया।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Girlfriend father tricked young man ended up behind bars
हरिद्वार: हरिद्वार जनपद के श्यामपुर स्थित लालढांग क्षेत्र में 7 जनवरी को पुलिस ने एक चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान पुलिस ने एक बाइक पर सवार युवक को रोका। जब पुलिस ने उसकी बाइक की जांच की, तो उसमें से 171 ग्राम चरस बरामद हुआ। पुलिस ने तुरंत युवक को गिरफ्तार कर लिया और बाद में उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
Girlfriend's father tricked young man ended up behind bars
लेकिन युवक तब भी बार-बार पुलिस को यही बताता रहा कि वो तो कॉलेज से परीक्षा देकर घर लौट रहा था। उसका बरामद चरस से कोई लेना-देना नहीं है। जब उससे पूछा गया कि उसे किस पर शक है, तो छात्र ने कहा कि वो एक लड़की को पसंद करता है, लेकिन उस लड़की के पिता को ये रिश्ता पसंद नहीं है। छात्र ने बताया कि उसे शक है कि उसकी प्रेमिका के पिता ने उसको और अपनी बेटी को अलग करने और उसे फंसाने के लिए ये साजिश की होगी।
दांव पर लग गया छात्र का भविष्य
ये मामला एक छात्र के भविष्य से जुड़ा होने के कारण उच्च अधिकारियों के निर्देश पर थानाध्यक्ष नितेश शर्मा ने विवेचक और अन्य पुलिसकर्मियों के साथ मिलकर इस मामले की गहन जांच शुरू की। जांच के दौरान पता चला कि गिरफ्तारी के दिन छात्र कॉलेज से परीक्षा देकर लौट रहा था। पुलिस ने इसके बाद कॉलेज और उसके आसपास के क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज की जांच की। जब कॉलेज की पार्किंग में लगे कैमरे की रिकॉर्डिंग देखी गई, तो यह स्पष्ट हुआ कि युवती के पिता ने जानबूझकर उसकी बाइक में चरस छिपाई थी। इससे यह सिद्ध हो गया कि छात्र निर्दोष था। युवती के पिता ने उसे फंसाने के लिए एक सुनियोजित योजना बनाई थी।
CCTV में नजर आया सच
हरिद्वार के एसएसपी प्रमेंद्र डोभाल ने बताया कि इस मामले में गवाहों के बयान और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी को पकड़ लिया गया है। अब पूछताछ के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं छात्र को निर्दोष घोषित कर दिया गया है, तो उसका नाम केस से हटा दिया गया। इसके साथ ही आरोपी के एक और साथी की खोज जारी है। अब छात्र के जल्द जेल से बाइज्जत बाहर आने की उम्मीद है। उसके परिवार ने भी पुलिस का धन्यवाद किया है कि पुलिस ने मामले में निष्पक्ष और पारदर्शी जांच करके छात्र का भविष्य बचाने में मदद की। पुलिस ने न सिर्फ निर्दोष छात्र को न्याय दिलाया, बल्कि साजिश करने वाले को भी सही जगह जेल में डालने का काम किया।