उत्तराखंड: देवभूमि में मोक्ष पाएंगे पाकिस्तान से लाए गए 400 अस्थि कलश, गंगा में होंगे विसर्जित

नौ वर्षों से मोक्ष पाने का इंतजार कर रहे पाकिस्तान से लाए गए 400 अस्थि कलश उत्तराखंड हरिद्वार में गंगा में विसर्जित किए जाएंगे, पाकिस्तान के कराची शहर के श्मशान घाट में नौ वर्षों से मोक्ष का इंतजार कर रहे अस्ति कलशों का इंतज़ार अब खत्म होगा.. पढ़िए
Advertisement Secret Himalayan Treks Near Kedarnath You’ve Never Heard Of

Trails once used by sages, locals, and shepherds. Ideal for travelers seeking silence over social media fame.

Example Ads Media
400 urns of ashes from Pakistan: 400 urns of ashes from Pakistan to find salvation in Devbhoomi
Image: 400 urns of ashes from Pakistan to find salvation in Devbhoomi

हरिद्वार: श्री देवोत्थान सेवा समिति एवं पुण्यदायी सेवा समिति न्यास के संयुक्त तत्वावधान में पाकिस्तान के कराची शहर के श्मशान घाट में नौ वर्षों से मोक्ष का इंतजार कर रहे 400 अस्थि कलशों को ससम्मान भारत की राजधानी नई दिल्ली लाया गया है। यहां से सभी अस्थि कलश 24वीं विशेष अस्थि कलश विसर्जन यात्रा के साथ 22 फरवरी शनिवार को दोपहर 1 बजे कनखल स्थित सतीघाट पर वैदिक रीति के साथ 100 किलो दूध की धारा से गंगा में प्रवाहित किए जाएंगे।

400 urns of ashes from Pakistan to find salvation in Devbhoomi

न्यास के संस्थापक अध्यक्ष रविंद्र गोयल ने बताया कि राजधानी दिल्ली में श्री देवोत्थान सेवा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल नरेंद्र व राष्ट्रीय महामंत्री एवं यात्रा संयोजक विजय शर्मा के नेतृत्व में 21 फरवरी को अस्थि कलश शोभायात्रा के रूप में हरिद्वार के लिए रवाना होंगे। शाम 5 बजे उत्तराखंड के नारसन बार्डर पर इनकी अगुवाई की जाएगी और अगले दिन पाकिस्तान के कराची शहर स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर के गद्दीनशीं महंत रामनाथ महाराज के सानिध्य में सभी अस्थि कलशों को मोक्ष कराया जाएगा।

  • 400 हिंदू सिख भाईयों के हैं अस्थि कलश

    400 urns of ashes from Pakistan to find salvation in Devbhoomi
    Pic: 1/ 1
    Image: 400 urns of ashes from Pakistan to find salvation in Devbhoomi

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के अल्पसंख्यक समुदाय की छह बिरादरियों को भारत की नागरिकता देने की अभूतपूर्व घोषणा की गई है। उसी कड़ी में वहां से 400 हिंदू सिख भाईयों के अस्थि कलशों को भारत लाकर देवोत्थान समिति व उनकी टीम ने बडा कार्य किया है। 22 फरवरी को यात्रा निष्काम सेवा ट्रस्ट भूपतवाला से सुबह 9.30 बजे चलेगी, जो सूखी नदी, खडखडी, भीमगौडा हर की पैड़ी, अपर रोड, शिवमूर्ति चौक, बंगाली मोड़ होते हुए दोपहर 1 बजे कनखल सतीघाट पहुंचेगी। इस संदर्भ में न्यास के बी.के.मेहता, डॉ. विशाल गर्ग, अशोक गुप्ता, चंद्रधर काला आदि अस्थि कलश विसर्जन की तैयारियों में जुटे हैं।