Advertisement
ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
Example Ads Media
हरिद्वार: श्री देवोत्थान सेवा समिति एवं पुण्यदायी सेवा समिति न्यास के संयुक्त तत्वावधान में पाकिस्तान के कराची शहर के श्मशान घाट में नौ वर्षों से मोक्ष का इंतजार कर रहे 400 अस्थि कलशों को ससम्मान भारत की राजधानी नई दिल्ली लाया गया है। यहां से सभी अस्थि कलश 24वीं विशेष अस्थि कलश विसर्जन यात्रा के साथ 22 फरवरी शनिवार को दोपहर 1 बजे कनखल स्थित सतीघाट पर वैदिक रीति के साथ 100 किलो दूध की धारा से गंगा में प्रवाहित किए जाएंगे।
न्यास के संस्थापक अध्यक्ष रविंद्र गोयल ने बताया कि राजधानी दिल्ली में श्री देवोत्थान सेवा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल नरेंद्र व राष्ट्रीय महामंत्री एवं यात्रा संयोजक विजय शर्मा के नेतृत्व में 21 फरवरी को अस्थि कलश शोभायात्रा के रूप में हरिद्वार के लिए रवाना होंगे। शाम 5 बजे उत्तराखंड के नारसन बार्डर पर इनकी अगुवाई की जाएगी और अगले दिन पाकिस्तान के कराची शहर स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर के गद्दीनशीं महंत रामनाथ महाराज के सानिध्य में सभी अस्थि कलशों को मोक्ष कराया जाएगा।