उत्तराखंड: बेटे और पत्नी के साथ मिलकर 35 करोड़ की धोखाधड़ी, पार्टनर पर बड़ी हेराफेरी के आरोप

काशीपुर के व्यापारी पर काश्तकारों ने करोड़ों की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। चार भाइयों सहित 5 पार्टनरों ने वर्ष 2016 में काशीपुर में काम किया था। अब हिसाब बनाया तो पता चला कि 35 से 40 करोड़ की हेराफेरी हो गई है।
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Kashipur Fraud Case: Kashipur Murliwala Stone Industry Fraud Case
Image: Kashipur Murliwala Stone Industry Fraud Case

उधमसिंह नगर: तराई के एक चर्चित व्यापारी सहित तीन लोगों के खिलाफ करोड़ों की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। महादेवनगर ढहिकया कलां के चार काश्तकारों ने एसएसपी को एक तहरीर सौंपी है, जिसमें स्टोन क्रेशर लगाने और स्टोन क्रेशर में पार्टनर बनने के नाम पर अनूप अग्रवाल, अमोल अग्रवाल और रेनू अग्रवाल पर चारों काश्तकारों ने करोड़ों की धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है।

Kashipur Murliwala Stone Industry Fraud Case

शिकायतकर्ता काश्तकारों ने खुद की 10 एकड़ जमीन धोखाधड़ी से अनूप अग्रवाल द्वारा पर अपनी पत्नी रेनू अग्रवाल के नाम करवाने का गंभीर आरोप भी कारोबारी अनूप अग्रवाल पर लगाया है। उधर इस पूरे मामले पर शिकायती पत्र मिलने के बाद अनूप अग्रवाल सहित तीनों आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को सौंपे शिकायती पत्र में पीड़ितों ने आरोप लगाया है कि उनके चार भाइयों गुरपेज सिंह, लखविंदर सिंह, गुरविंदर सिंह, बलविंदर सिंह और अनूप अग्रवाल सहित कुल 5 पार्टनरों ने आपसी रजामंदी के आधार पर वर्ष 2016 में ‘मैसर्स मुरलीवाला स्टोन इंडस्ट्रीज लि.’ का निर्माण महादेवनगर काशीपुर में किया था। जमीन गुरपेज सिंह, लखविंदर सिंह, गुरविंदर सिंह और बलविंदर सिंह की थी और इंडस्ट्री निर्माण में जो रकम लगनी थी, वह अनूप अग्रवाल को लगानी थी। इसके अलावा इंडस्ट्री में चारों पार्टनरों की 45 प्रतिशत और अनूप अग्रवाल की 55 प्रतिशत की हिस्सेदारी तय की गई थी। जमीन का जो भी मूल्य निर्माण से अधिक बनेगा, वह अनूप अग्रवाल को चारों भाइयों को वापस देना था। स्टोन क्रेशर की डीड में चारों भाइयों का नाम भी दर्ज होना था। इसके अलावा स्टोन क्रशर का हिसाब-किताब प्रतिमाह करने और स्टोन क्रेशर के कारोबार को समस्त पार्टनरों की रजामंदी से ही बढ़ाने का निर्णय लिया गया था। साथ ही साथ बैंक में हस्ताक्षर करने हेतु दो पार्टनरों का नाम अधिकृत किया जाना था।

जानकारी मांगी तो सामने आया सच

वर्ष 2017 में संबंधित स्टोन क्रेशर चालू हो गया और क्रेशर का सारा लेन-देन सभी की सहमति के आधार पर पार्टनर अनूप अग्रवाल द्वारा ही किया जाता था। वर्ष 2023 में अनूप अग्रवाल से स्टोन क्रेशर निर्माण के दौरान रखी गई शर्तों के मुताबिक लेनदेन की जानकारी मांगी गई तो उसने क्रेशर में अधिक नुकसान होने की बात कही।

"काशीपुर के एक बहु चर्चित व्यापारी अनूप अग्रवाल और उनके पत्नी और बेटे पर करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी के मामले की तहरीर मिली है। पीड़ितों ने धोखाधड़ी के सबूत भी दिए हैं, उनको देखते हुए मामला काफी गंभीर लग रहा है। पहले भी आरोपी अनूप अग्रवाल के खिलाफ हेराफेरी की कुछ जांच चल रही है। इसलिए इस मामले को काफी गंभीरता से लिया जा रहा है।"
-एसएसपी मणिकांत मिश्रा

35 से 40 करोड़ की हेराफेरी

पीड़ितों ने बताया कि अनूप अग्रवाल के ऐसे रवैसे से संदेह हुआ तो हमने क्रेशन के संबंध में जानकारी जुटाना प्रारंभ किया तो पता चला कि अनूप अग्रवाल ने अपने पुत्र अमोल अग्रवाल के सहयोग से क्रेशर का सभी लेनदेन बेईमानी से अपने हक में कर लिया है। इस पूरे मामले की जानकारी के बाद हम पार्टनरों ने क्रेशर सम्बन्धी वास्तविक लेनदेन का हिसाब बनाया तो पता चला कि हिसाब किताब में 35 से 40 करोड़ की हेराफेरी की गई थी।