सफलता उन्हीं को मिलती है जो अपने सपनों के लिए मेहनत करना नहीं छोड़ते। डॉ. मीना उपाध्याय ने अपनी लगन और मेहनत से इसे सच कर दिखाया है।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Meena Upadhyay achieved 2nd rank in UKPSC
पिथौरागढ़: डॉ. मीना उपाध्याय ने यूकेपीएससी की असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए दूसरी रैंक हासिल की है। अपनी इस उपलब्धी से उन्होंने परिजनों सहित पूरे जनपद का नाम रोशन किया है।
Meena Upadhyay achieved 2nd rank in UKPSC
उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग की ओर से उच्च शिक्षा विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा के नतीजे जारी किए गए हैं। इस परीक्षा में पिथौरागढ़ की डॉक्टर मीना उपाध्याय ने राज्य स्तर पर दूसरा स्थान प्राप्त किया है। अपनी कड़ी मेहनत और लगन के दम पर आज डॉ. मीना उपाध्याय इतिहास विषय की असिस्टेंट प्रोफेसर बन गई हैं।
चार बार यूजीसी नेट परीक्षा की उत्तीर्ण
डॉ. मीना उपाध्याय पिथौरागढ़ जिले के डीडीहाट तहसील के खोली गांव की मूल निवासी हैं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा खोली गांव के प्राथमिक विद्यालय से प्राप्त की, उसके बाद डीडीहाट के विवेकानंद विद्या मंदिर से 9वीं कक्षा तक की पढ़ाई की। सरस्वती बालिका इंटर कॉलेज पिथौरागढ़ से हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा में उत्कृष्टता के साथ सफलता प्राप्त की। उन्होंने एलएसएम कैंपस से उच्च शिक्षा हासिल की। उन्होंने इतिहास विषय में पीएचडी की है और चार बार यूजीसी नेट की परीक्षा भी उत्तीर्ण की है।
पहले प्रयास में मिली सफलता
27 वर्षीय मीना उपाध्याय का चयन पहले ही प्रयास में उच्च शिक्षा विभाग में सहायक प्राध्यापक (असिस्टेंट प्रोफेसर) पद पर हुआ है। मीना उपाध्याय ने अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता आनन्द बल्लभ उपाध्याय और माता ललिता उपाध्याय को दिया है।