उत्तराखंड: शादी के 34वें दिन उजड़ गया सुहाग, नहीं मानी हार.. सेना में लेफ्टिनेंट बनीं सोनी बिष्ट

जब सोनी अपने पति की मृत्यु के सदमें से उबरने लगी थीं, उसी दौरान उनके छोटे भाई राहुल को लकवा मार गया। उनके परिवार पर एक के बाद एक दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। लेकिन सोनी ने हिम्मत नहीं हारी..
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lieutenant in Indian Army: Soni Bisht became lieutenant in Indian Army
Image: Soni Bisht became lieutenant in Indian Army

बागेश्वर: उत्तराखंड की बेटियां आज के समय में हर क्षेत्र में अपनी सफलता का परचम लहरा रही हैं। बेटियां अपनी कड़ी मेहनत और लगन से हर मुकाम हासिल कर रही हैं और कई बेटियों के प्रेरणा बन रही हैं। इन्हीं साहसी बेटियों में बागेश्वर की सोनी बिष्ट का नाम भी जुड़ गया है, जिनकी शादी के मात्र 34 दिन बाद उनके पति की मौत हो गई थी।

Soni Bisht became lieutenant in Indian Army

सोनी बिष्ट ने बीते शनिवार 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (OTA) चेन्नई की पासिंग आउट परेड में लेफ्टिनेंट अफसर शामिल हुईं अब वे आर्मी ऑर्डनेंस कॉर्प्स में अपनी सेवाएं देंगी। सोनी की पहली पोस्टिंग असम में हुई है, उनकी इस सफलता पर परिजन गर्व से भावुक हो गए। सोनी के पिता कुंदन सिंह बिष्ट, माता मालती बिष्ट और भाई राहुल बिष्ट भी पासिंग आउट परेड में शामिल हुए।

पति की मौत के बाद भाई को हुआ लकवा

बागेश्वर जिले की सोनी बिष्ट ने इस सफलता तक पहुँचने के लिए अनेक कठिनाइयों का सामना किया है। वास्तव में, वर्ष 2023 में सोनी की शादी खटीमा के नीरज भंडारी से हुई थी, जो "18 कुमाऊं रेजिमेंट" में सैनिक के रूप में कार्यरत थे। लेकिन शादी के महज 34 दिन बाद एक सड़क दुर्घटना में नीरज का निधन हो गया। इस घटना के बाद सोनी बिष्ट पूरी तरह से टूट गई थीं, लेकिन उनके ससुराल और मायके वालों ने इस कठिन समय में उनको हिम्मत दी। जब सोनी इस दुखद घटना से उबरने लगी थीं, उसी समय उनके छोटे भाई राहुल को लकवा मार गया। उनके परिवार पर एक के बाद एक दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

कड़ी मेहनत से बनी सेना में लेफ्टिनेंट

इस दुःख के समय में सोनी ने खुद को संभाला और अपने पति के सपने को पूरा करने और उनकी यादों को जिंदा रखने की ठानी, उनके लिए ये सफर इतना आसान नहीं था लेकिन उन्होंने आगे बढ़ना ही सही विकल्प समझा। उसके बाद सोनी ने वीर नारी प्रवेश योजना के तहत सेना में शामिल होने का फैसला लिया। इसके लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की और सभी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट ऑफिसर बन गई।

पति का सपना किया पूरा

सोनी बिष्ट बागेश्वर जनपद के नाकुरी क्षेत्र में स्थित दारर्सिंग पट्टी गांव की मूल निवासी हैं, और वर्तमान में उनका परिवार हल्द्वानी में रहता है। सोनी के पिता कुंदन सिंह बिष्ट ब्रिगेड ऑफ गार्ड्स बटालियन में सूबेदार के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। सोनी के दादा हरक सिंह बिष्ट भी सेना में थे। सोनी बताती हैं कि उन्होंने अपने पति का सपना पूरा किया और वो उनके सपने को जी रही हैं।