इनका परिवार गांव का अधिकांश कार्य स्वयं अपने निजी संसाधनों से करते हैं। एक दशक पूर्व इस गांव में सड़क, स्कूल की व्यवस्था नहीं थी। आज गांव में हाईस्कूल तक स्कूल खोलने के साथ ही गांव सड़क मार्ग से जुड़ गया है।
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Image: Sister-in-laws were re-elected unanimously
पिथौरागढ़: पिथौरागढ़ जिले के बेरीनाग विकासखंड से 10 किमी दूर रीठा रैतौली गांव के ग्रामीणों ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की प्रक्रिया को अपनी प्रकिया अपनाकर सर्वसम्मति से एक ही परिवार की देवरानी को ग्राम प्रधान और जेठानी को क्षेत्र पंचायत सदस्य निर्विरोध तय कर दिया है।
Sister-in-laws were re-elected unanimously
रीठा रैतौली के बुजुर्ग बाला दत्त धारियाल के छोटे पुत्र प्रमोद धारियाल की पत्नी निशा धारियाल निर्विरोध ग्राम प्रधान और बडे पुत्र उमेश धारियाल की पत्नी जानकी धारियाल निर्विरोध क्षेत्र पंचायत सदस्य ग्रामीणों के द्वारा चुने गए हैं। निशा और जानकी आपस में देवरानी ओर जेठानी है। रीठा रैतौली ग्राम पंचायत की जनसंख्या लगभग 800 है। इससे पूर्व निशा धारियाल ग्राम प्रधान रहीं। निशा पर दूसरे बार भी ग्रामीणों ने विश्वास जताया है। 1980 से 2003 निशा और जानकी के सुसर बाला दत्त धारियाल लगातार यहां पर ग्राम प्रधान रहे। वर्ष 2003 में बाला दत्त धारियाल की पत्नी अंबिका धारियाल ग्राम प्रधान और जानकारी धारियाल क्षेत्र पंचायत सदस्य चुनी गई। एक परिवार के सास ससुर देवरानी जेठानी सभी पंचायत के पदों में रह चुके हैं।
स्वयं अपने निजी संसाधनों से करते हैं अधिकांश कार्य
ग्रामीण बताते हैं इनका परिवार अधिकांश कार्य स्वयं अपने निजी संसाधनों से करते हैं। कई बार गांव में आपसी विवाद और लडाई झगड़े को पुलिस में जाने के बजाय आपसी निर्णय से समाधान करते हैं। एक दशक पूर्व इस गांव में सड़क, स्कूल की व्यवस्था नहीं थी। आज गांव में हाईस्कूल तक स्कूल खोलने के साथ ही गांव सड़क मार्ग से जुड़ गया है। रीठा रैतौली गांव में वर्ष 2023 अंबिका धारियाल ग्राम प्रधान और जानकी धारियाल क्षेत्र पंचायत सदस्य चुनी गई थी। अंबिका और जानकी आपस में सास बहू हैं। तब गांव में सास बहू की सरकार कहकर चर्चा में थी ओर अब देवरानी जेठानी की सरकार बनकर एक बार फिर सखियों में है।
इनके किए कार्यों के कारण चुना गया निर्विरोध
निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष दीपिका बोहरा का कहना है कि रीठा रैतौली गांव में निर्विरोध ग्राम प्रधान और क्षेत्र पंचायत सदस्य का निर्वाचन होना गांव में हो रहे विकास कार्यों का प्रमाण है कि गांव की जनता ने इनके द्वारा किए गए विकास कार्यों पर मुहर लगाई है। इसका यह नतीजा है कि एक ही परिवार चार दशकों से पंचायत में बना हुआ है।