उत्तराखंड: डॉ. विक्रम रावत ने लगातार 14वीं बार निकाला UGC NET, कायम किया नया रिकॉर्ड

बीते 21 जुलाई को यूजीसी नेट परीक्षा के परिणाम घोषित हुए हैं। जिसमें गोल्ड मेडलिस्ट डॉ. विक्रम सिंह रावत ने लगातार चौदहवीं बार पास होने का एक नया रिकॉर्ड बनाया है।
Advertisement हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम

पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।

Example Ads Media
UGC NET Result: Dr Vikram Rawat cleared UGC NET for the 14th consecutive time
Image: Dr Vikram Rawat cleared UGC NET for the 14th consecutive time

टिहरी गढ़वाल: बीते सोमवार को यूजीसी नेट परीक्षा के परिणाम घोषित हुए हैं, जिनमें राज्य के क‌ई प्रतिष्ठित युवाओं ने सफलता हासिल की है। जिनमें गोल्ड मेडलिस्ट डॉ. विक्रम सिंह रावत ने योग विषय में यूजीसी नेट परीक्षा को लगातार चौदहवीं बार पास कर एक नया रिकॉर्ड बनाया है।

Dr. Vikram Rawat cleared UGC NET for the 14th consecutive time

योगाचार्य गोल्ड मेडलिस्ट डॉ. विक्रम सिंह रावत ने योग विषय में लगातार चौदह बार (14) प्रतिष्ठित यूजीसी नेट परीक्षा को पास किया है। उन्होंने अब तक चौदह में से पांच बार JRF की CUTOFF से अधिक अंक हासिल किए हैं। डॉ. विक्रम सिंह रावत टिहरी गढ़वाल जिले के बछेलीखाल, देवप्रयाग के मूल निवासी हैं, और वे वर्तमान में तीर्थनगरी मुनि-की-रेती, ऋषिकेश क्षेत्र में रहते हैं। वर्तमान में वे UGC NET JRF के अभ्यर्थियों को NET JRF की तैयारी करवाते हैं।

डॉ. रावत की शैक्षणिक उपलब्धियां

आपको बता दें कि डॉ. विक्रम सिंह रावत ने पतंजलि विश्वविद्यालय, हरिद्वार से योग विज्ञान विषय में पीएच.डी. की उपाधि हासिल की है। उन्होंने शोध निर्देशक प्रोफेसर पारन गौड़ा के मार्गदर्शन में Enhancing the Quality of Life of Ageing Elders Through Yoga Practices विषय पर शोध कार्य पूरा किया है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने राजकीय पॉलिटेक्निक नरेन्द्रनगर से इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में तीन वर्ष का डिप्लोमा प्राप्त किया है। देहरादून के एक निजी संस्थान से कंप्यूटर हार्डवेयर और नेटवर्किंग इंजीनियरिंग में भी एक साल का डिप्लोमा किया है। वर्ष 2023 में उन्होंने उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय, हल्द्वानी से मनोविज्ञान में एम.ए. की डिग्री हासिल की, जिसमें वे विश्वविद्यालय में टॉपर बने थे। इसके अतिरिक्त उन्होंने 2015 में उत्तराखण्ड संस्कृत विश्वविद्यालय, हरिद्वार से योग में एम.ए. की डिग्री सर्वोच्च अंकों के साथ प्राप्त की थी, जिसके लिए उन्हें स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया।