उत्तराखंड: हंगामेदार मानसून सत्र 7 बार हुआ स्थगित, गैरसैंण राजधानी पर UKD का जोरदार प्रदर्शन

भराड़ीसैंण (गैरसैंण) में आयोजित उत्तराखंड विधानसभा सत्र में उत्तराखंड क्रांति दल (UKD) ने पंचायत चुनावों में अनियमितताओं और प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए जोरदार हंगामा किया।
Advertisement जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स

प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails

Example Ads Media
Gairsain Monsoon Session: UKD protest for Gairsain capital
Image: UKD protest for Gairsain capital

चमोली: भराड़ीसैंण में आयोजित उत्तराखंड विधानसभा के चार दिवसीय मानसून सत्र के पहले ही दिन विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। विधानसभा सत्र में कांग्रेस के अलावा उत्तराखंड क्रांति दल (UKD) ने भी जमकर हंगामा और धरना प्रदर्शन किया।

UKD protest for Gairsain capital

चमोली जिले के भराड़ीसैंण (गैरसैंण) में आयोजित उत्तराखंड विधानसभा सत्र में उत्तराखंड क्रांति दल (UKD) ने पंचायत चुनावों में अनियमितताओं और प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए जोरदार हंगामा किया। विपक्षी विधायकों का आरोप था कि हाल ही में संपन्न हुए पंचायत चुनावों में धांधली हुई, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रभावित हुई। विपक्ष के तीखे हंगामे के चलते सदन में कार्यवाही को कई बार स्थगित करना पड़ी।

गैरसैंण राजधानी राज्य आंदोलन की आत्मा

यूकेडी के नेताओं ने विधानसभा भवन के प्रवेश द्वार दिवालीखाल पर सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। UKD नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भाजपा और कांग्रेस दोनों पर उत्तराखंड की मूल भावना को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि राज्य गठन को 25 साल हो गए, लेकिन जनता आज भी सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। यूकेडी नेता बृजमोहन सजवान और आशीष नेगी ने कहा कि गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग राज्य आंदोलन की सबसे बड़ी वजह थी, लेकिन आज तक किसी भी सरकार ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। गैरसैंण राजधानी बनने से पहाड़ों का विकास हो सकता था, लेकिन सत्ता में रही सरकार ने केवल चुनावी फायदे के लिए इस मुद्दे का इस्तेमाल किया।

जारी रखेंगे प्रदर्शन: यूकेडी

यूकेडी कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन के दौरान विधानसभा कूच करने की कोशिश की, लेकिन सुरक्षा बलों ने उन्हें दिवालीखाल बैरियर पर ही रोक दिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि पहाड़ के लोग आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। यूकेडी नेताओं ने यह भी स्पष्ट किया कि वे पहाड़ों के मठ, मंदिर, जंगल और जमीन को बचाने के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।

CM धामी की ये रही प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने विपक्ष के हंगामे के बीच शाम को सदन में 5,315 करोड़ रुपये से अधिक का अनुपूरक बजट पेश किया। माना जा रहा है कि यह बजट प्रदेश में अधूरे पड़े विकास कार्यों को गति देने के लिए महत्वपूर्ण होगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि विपक्ष पंचायत और निकाय चुनावों में लगातार हार से बौखलाया हुआ है और उसी गुस्से को सदन में कामकाज ठप कर उतार रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष द्वारा कानून-व्यवस्था के नाम पर केवल अव्यवस्था फैलाई जा रही है।