अलकनंदा की स्थिति इतनी भयावह हो गई कि पुराने धारी देवी मंदिर स्थल तक पानी महज एक फीट और वर्तमान मंदिर तक करीब तीन फीट की दूरी पर रह गया। मंदिर से जुड़ा पुल आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे खतरा और बढ़ गया।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Alaknanda reached the feet of Dhari Devi
श्रीनगर गढ़वाल: उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों चमोली और रुद्रप्रयाग में लगातार हो रही भारी बारिश ने हालात गंभीर बना दिए हैं। अलकनंदा-मंदाकिनी सहित सभी नदियां अपने रौद्र रूप में बह रही हैं, जिससे कई इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। नदियों के जलस्तर को देखते हुए प्रशासन लगातार अलर्ट मोड पर है।
Alaknanda reached the feet of Dhari Devi
उत्तराखंड के चमोली और रुद्रप्रयाग जनपदों में बीती रात बादल फटने और मूसलाधार बारिश होने के कारण सभी नदियां और गदेरे उफान पर हैं। आज सुबह से ही अलकनंदा नदी और मन्दाकिनी नदी में उफान पर हैं। रुद्रप्रयाग संगम के बाद नदी अपने रौद्र रूप में आ गई। अलकनंदा नदी का जलस्तर इतना बढ़ गया है कि धारी देवी मंदिर तक पहुंच गया। मंदिर परिसर के बाहर बनी पुरानी अस्थायी दुकानों में पानी घुस गया है।
डैम खोलने के बावजूद नहीं घटा जलस्तर
मंदिर समिति सदस्य राजेश पांडे ने बताया कि सुबह मंदिर समिति को जलस्तर बढ़ने की खबर मिली। उन्होंने बताया कि जीवीके डैम के गेट खोलने के बावजूद जलस्तर में कोई खास कमी नहीं आई। स्थिति इतनी भयावह हो गई कि पुराने धारी देवी मंदिर स्थल तक पानी महज एक फीट और वर्तमान मंदिर तक करीब तीन फीट की दूरी पर रह गया। वहीं, मंदिर से जुड़ा पुल आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे खतरा और बढ़ गया। प्रशासन ने एहतियातन मंदिर और आसपास की दुकानें अस्थायी रूप से बंद करा दी गईं।
प्रशासन की जनता से अपील
यहां कलियासौड़ से एक किलोमीटर आगे स्थित मिनी गोवा बीच क्षेत्र में अलकनंदा का जलस्तर इतना बढ़ गया कि पानी राष्ट्रीय राजमार्ग तक पहुंच गया। श्रीनगर में भी अलकनंदा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा, अलकेश्वर घाट पूरी तरह डूब गया, जिससे आसपास के लोग दहशत में हैं। प्रशासन ने लोगों से नदी किनारे न जाने की अपील की है और पुलिस व नगर निगम की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। भारी बारिश का असर देवप्रयाग में भी साफ दिखाई दे रहा है। बढ़ते जलस्तर के कारण संगम स्थल, रामकुंड, बेलेश्वेर और फुलाड़ी घाट पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं।