आस्था के पवित्र स्थान Dhari Devi के पास शराब पीकर बोतलें वहीं फेंकी जा रही हैं। चाहे वो बाहर के लोग हों या खुद हम उत्तराखंडी, सभी को सोचने की जरूरत है कि क्या ये महापाप नहीं?
-
राज्य समीक्षा डेस्क
-
Advertisement
ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
Example Ads Media
Image: Empty liquor bottles near the Dhari Devi Temple
श्रीनगर गढ़वाल: धारी देवी..उत्तराखंड के चारधामों की रक्षक कही जाने वाली भगवती। धारी देवी को लेकर एक कहानी ये भी है कि जब मंदिर को उसके मूल स्थान से हटाया गया तो उसके अगले ही दिन केदारनाथ महाप्रलय आई थी।
Liquor bottles near the Dhari Devi Temple
सवाल ये है कि क्या एक बार फिर से ऐसी ही जलप्रलय का इंतजार हो रहा है? ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि धारी देवी मंदिर क्षेत्र से भारी मात्रा में शराब की खाली बोतलें मिलीं हैं। दरअसल, यहां ऋषिकेश से कुछ युवाओं की टीम पहुंची और करीब 100 किलो कूड़ा एकत्र किया। द हिमाद्री फाउंडेशन ने Dhari Devi के पास अभियान चलाया तो टीम को काफी दुख पहुंचा। आगे पढ़िए..
अभियान से जुड़े अनुरिमा नौटियाल और शगुन उनियाल ने इस बारे में मीडिया को कुछ खास बातें बताईं। उन्होंने कहा कि जितना भी कूड़ा जमा हुआ है, वो अभी सिर्फ 10 फीसदी है। आप अंदाजा लगा सकते हैं कि अभी यहां कितना और कूड़ा फैला होगा। गढ़वाल विश्वविद्यालय के छात्र, स्थानीय लोग भी इस अभियान में शामिल रहें। अंदाजा लगा सकते हैं कि किस तरह से देवभूमि को मैला किया जा रहा है। आस्था के पवित्र स्थान Dhari Devi के पास शराब पीकर बोतलें वहीं फेंकी जा रही हैं। चाहे वो बाहर के लोग हों या खुद हम उत्तराखंडी, सभी को सोचने की जरूरत है कि क्या ये महापाप नहीं?