पिथौरागढ़ जिले में युवा कल्याण विभाग द्वारा विज्ञप्ति निकालकर पिछले 5 वर्षों से कार्य कर रहे खेल प्रशिक्षकों को बाहर करने की तैयारी की जा रही है। इससे खेल प्रशिक्षकों में आक्रोश फैल गया है। पढ़िए ये खास रिपोर्ट...
-
राज्य समीक्षा डेस्क
-
Advertisement
ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
Example Ads Media
Image: Sports coach out in Uttarakhand CM s home district
पिथौरागढ़: एक ओर राष्ट्रीय खेलों का आयोजन करने के बाद उत्तराखंड को खेल-हब बनाने की घोषणा सीएम पुष्कर धामी के द्वारा की जा रही है, वहीं सिर्फ मुख्यमंत्री के गृह जनपद पिथौरागढ़ में युवा कल्याण विभाग ने अजब गजब कारनामा कर दिखाया है। यहां ग्रामीण खेलकूद स्वास्थ्य संवर्द्धन योजना के तहत दैनिक मानदेय पर रखे जिले के आठों विकासखंडों के खेल प्रशिक्षकों को बाहर कर दिया गया है।
Sports coaches out in Uttarakhand CM's home district
युवा कल्याण ने सिर्फ पिथौरागढ़ जिले में एक विज्ञप्ति निकाली है, जिसके द्वारा मुख्यमंत्री के गृह जनपद में खेल प्रशिक्षकों को बाहर करने की तैयारी है। ये खेल प्रशिक्षक पिछले पांच वर्षों से न्याय पंचायत स्तर से लेकर राज्य स्तर आयोजित विभिन्न खेलकूद सहित अन्य कार्यक्रमों में सहयोग कर रहे थे। प्रदेश के अन्य 12 जनपदों में दैनिक खेल प्रशिक्षकों को पुनः नियुक्ति मिल गई है, लेकिन पिथौरागढ़ जिले में युवा कल्याण विभाग द्वारा विज्ञप्ति निकालकर पिछले 5 वर्षों से कार्य कर रहे खेल प्रशिक्षकों को बाहर करने की तैयारी की जा रही है।
बारह जिलों में नहीं कोई शासनादेश
खेल प्रशिक्षकों ने बताया कि 12 जनपदों में कोई शासनादेश नहीं है। सिर्फ पिथौरागढ़ जिले में विभाग शासनादेश होने की बात कर रहा है। इससे वर्तमान तक कार्य कर रहे खेल प्रशिक्षकों के सामने रोजगार का संकट पैदा होने के साथ ही परिवार के भरण पोषण के लिए मुश्किलात पैदा हो गई हैं। इससे खेल प्रशिक्षकों में आक्रोश फैल गया है।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य ने लगाए बड़े आरोप
पूर्व जिला पंचायत सदस्य जगत मर्तोलिया ने बताया कि मुख्यमंत्री के गृह जनपद में दैनिक वेतन में कार्य करने वाले खेल प्रशिक्षकों को बाहर कर सरकार की मंशा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। यदि 12 जनपदों में पूर्व से कार्य कर रहे खेल प्रशिक्षकों को बाहर नहीं किया गया तो सिर्फ पिथौरागढ़ में बाहर करने की साजिश क्यों रची गई? उन्होंने वर्तमान में जिला युवा कल्याण अधिकारी पर नियमों के खिलाफ मोटी धनराशि लेकर हाईकोर्ट के नियुक्ति में रोक आदेश के बाद भी गुपचुप तरीके अप्रशिक्षित लोगों को पीआरडी में रोजगार देने का आरोप भी लगाया है।
PRD जवानों को निकालने के भी हुए थे आदेश
खेल प्रशिक्षकों को हटाकर अपने चहेतों को रखने के लिए विज्ञप्ति निकालने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि पूर्व में पीआरडी जवानों को भी बाहर करने का आदेश जारी किया गया था, लेकिन जवानों के विरोध प्रदर्शन के कारण जवानों को बाहर नहीं कर पाया। उन्होंने युवा कल्याण विभाग की सीबीआई से जांच कराकर दोषियों के खिलाफ का करने की भी मांग की है। यदि शीघ्र पहले से कार्य कर रहे खेल प्रशिक्षकों को नियुक्ति नहीं देने और दोषी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई नही होने पर सीएम आवास और युवा कल्याण मंत्री के आवास में धरना देने की चेतावनी दी है।