उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने उत्तराखंड क्रिकेट संघ द्वारा कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर बीसीसीआई को नोटिस जारी किया है, जिसमें उसकी ऑडिट रिपोर्ट में "केले पर खर्च" के रूप में दिखाए गए ₹35 लाख शामिल हैं।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Uttarakhand Cricket Association spent 35 lakh on bananas
देहरादून: खिलाड़ियों को सुविधा के नाम पर तो कुछ भी नहीं मिला लेकिन उत्तराखंड क्रिकेट संघ के अनुसार उसने 35 लाख रुपए के केवल केले खरीदे। अब उत्तराखंड हाई कोर्ट ने उत्तराखंड क्रिकेट संघ में बड़े पैमाने पर हुई धांधलियों पर सवाल खड़े किए हैं और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को नोटिस जारी किया है।
Uttarakhand Cricket Association spent ₹35 lakh on bananas
उत्तराखंड में हुए 12 करोड रुपए से ज्यादा की सरकारी धन के दुरुपयोग की अब जांच की जाएगी। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने मंगलवार को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को उन याचिकाओं पर नोटिस जारी किया है, जिनमें उत्तराखंड क्रिकेट संघ (सीएयू) में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाया गया है।
12 करोड़ रुपयों की जांच की मांग
देहरादून निवासी संजय रावत और अन्य द्वारा दायर याचिकाओं में टूर्नामेंट के आयोजन के लिए आवंटित लगभग ₹12 करोड़ सरकारी धन के कथित दुरुपयोग की जांच की मांग की गई है। याचिकाकर्ताओं ने सीएयू की 2024-25 की अपनी ऑडिट रिपोर्ट का हवाला दिया, जिसे एक बाहरी चार्टर्ड अकाउंटेंट ने तैयार किया था, जिसमें संदिग्ध खर्चों की ओर इशारा किया गया था - जिसमें कथित तौर पर "खिलाड़ियों के लिए केले" पर खर्च किए गए ₹35 लाख शामिल थे। ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, सीएयू ने इवेंट मैनेजमेंट पर ₹6.4 करोड़ और टूर्नामेंट व ट्रायल पर कुल ₹26.3 करोड़ खर्च किए, जो पिछले वित्तीय वर्ष के ₹22.3 करोड़ से ज़्यादा है।
खिलाड़ियों तक नहीं पहुंचे "केले"
याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया कि एसोसिएशन ने खाने-पीने और सुविधाओं के नाम पर करोड़ों रुपये हड़प लिए, जबकि राज्य के खिलाड़ियों को दी जाने वाली कई सुविधाएँ कभी उपलब्ध नहीं कराई गईं। न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकल पीठ ने मामले की सुनवाई के बाद बीसीसीआई को जवाब देने का निर्देश दिया और अगली सुनवाई शुक्रवार के लिए तय की।