उत्तराखंड बेरोजगार संघ ने दावा किया कि परीक्षा के समय ही उन्हें प्रश्नपत्र का पूरा सेट मिल चुका था। संघ ने परीक्षा समाप्त होने के बाद प्रश्नपत्र मिलान कर इस बात की पुष्टि भी की। इस मामले के बाद बॉबी पंवार को पुलिस ने हिरासत में लिया है।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: UKSSSC Patwari recruitment exam paper leaked
देहरादून: उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) द्वारा आयोजित स्नातक स्तरीय पटवारी भर्ती परीक्षा आज आयोजित की गई थी, लेकिन परीक्षा शुरू होने के कुछ देर बाद पेपर लीक होने की खबर सामने आ गई। इस घटना ने उन लाखों अभ्यर्थियों को गहरे सदमे में डाल दिया है, जो साल भर से इस परीक्षा की तैयारी कर थे।
UKSSSC Patwari recruitment exam paper leaked
सूत्रों के अनुसार, UKSSSC पटवारी भर्ती परीक्षा के दौरान ही किसी परीक्षा केंद्र से प्रश्नपत्र की तस्वीर खींचकर बाहर भेज दी गई थी। UKSSSC अध्यक्ष जी.एस. मार्तोलिया ने इस बात की पुष्टि की है कि सोशल मीडिया पर वायरल हुआ पेपर वास्तव में रविवार को हुई परीक्षा का ही था। हालांकि, यह अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आखिर यह पेपर किस परीक्षा केंद्र से बाहर आया। फिलहाल जांच हरिद्वार जिले पर केंद्रित है और केंद्र की पहचान होते ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। पटवारी भर्ती का पेपर लीक की खबर सामने आते ही इस पर राजनीति भी गर्मा गई है।
आधे घंटे में ही पेपर आउट
उत्तराखंड बेरोजगार संघ ने दावा किया कि परीक्षा के समय ही उन्हें प्रश्नपत्र का पूरा सेट मिल चुका था। उनका कहना है कि परीक्षा सुबह 11 बजे शुरू हुई और केवल आधे घंटे बाद, यानी 11:30 बजे, उन्हें बाहर से पेपर की फोटो मिल गई थी। संघ ने परीक्षा समाप्त होने के बाद प्रश्नपत्र मिलान कर इस बात की पुष्टि भी की। इस दावे के बाद भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस मामले के बाद उत्तराखंड बेरोजगार संघ से जुड़े बॉबी पंवार को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।
बॉबी पंवार से पूछताछ
बताया जा रहा है कि, बॉबी पंवार ज्वालापुर में एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे, जहां से एसओजी ने उन्हें पूछताछ के लिए उठाया। पुलिस इस मामले में बॉबी पंवार से गहन पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियां हरिद्वार जिले के परीक्षा केंद्रों पर विशेष ध्यान केंद्रित कर रही हैं और आयोग ने भी आश्वासन दिया है कि दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। हालांकि, बार-बार हो रही ऐसी घटनाओं से यह सवाल उठता है कि क्या उत्तराखंड की परीक्षा प्रणाली और भर्ती प्रक्रिया में कोई गंभीर खामियां हैं? और सबसे बड़ा सवाल – क्या युवाओं के धैर्य और मेहनत का लगातार इस तरह मजाक उड़ाया जाता रहेगा?