पेपर लीक आंदोलन के साथ जुड़े युवाओं के अभियान को राजनीतिक रूप दिया जा रहा है। वामपंथी नारों के बाद अब अधेड़ उम्र के छात्रों द्वारा पत्रकार की पिटाई की गई है.. आंदोलन "दूसरी दिशा में अग्रसर" लग रहा है..
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Journalist attacked in UKSSSC Paper Leak movement
देहरादून: पेपर लीक होने को लेकर शुरू हुआ आंदोलन अब आजादी मांगने लगा है। आंदोलन से जुड़े कुछ लोग युवाओं को सस्ती और टिकाऊ लोकप्रियता के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं और आंदोलन में अब हिंसक लोग भी पहुँच चुके हैं।
Journalist attacked in UKSSSC Paper Leak movement
उत्तराखंड राज्य अधीनस्थ चयन आयोग के पटवारी के पेपर लीक होने के बाद शुरू हुए छात्रों के आंदोलन ने अब अराजकता का चोला पहन लिया है। आज देहरादून में हो रहे छात्र आन्दोलन में पहुंचे कुछ मीडिया के लोगों पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया। इनमें जो मुख्य हमलावर है वो कहीं से भी छात्र नहीं लग रहा। छात्रों के आंदोलन के बीच में कवर करने पहुंचे पत्रकार के साथ आज मारपीट की गई है, आगे ये हिंसा किसी के भी साथ हो सकती है। पत्रकार चिल्लाता रहा और कहता रहा कि वह यहां छात्रों की बात को कवर करने के लिए ही आया है, लेकिन वीडियो में युवक पत्रकार को लगातार धमका रहे हैं।
हिंसक रूप ले चुकी छात्रों की लड़ाई ?
आंदोलन के बीच में जेएनयू और जामिया जैसे कैंपसों में सुने जाने वाले वामपंथी नारे भी सुनाई दे रहे हैं। निश्चित रूप से छात्रों को न्याय दिलाने की ये लड़ाई अब युवाओं के रोजगार से ऊपर उठकर राजनीतिक रूप ले चुकी है। आंदोलन के बीच दूसरे छात्रों की विचारधारा को सिरे से नकार दिया गया है। पहले हमने पाठकों को बताया था कि आन्दोलन के बीच बसों में भरकर छात्रों को लाया गया, लेकिन स्थिति इसके बिलकुल विपरीत निकली। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उत्तराखंड शासन में सचिव से शांतिपूर्ण वार्ता कर घर लौट रहे छात्रों को नेपाली फार्म पर जबरदस्ती रोका गया था।
हुडदंग की ओर बढ़ रहा छात्र आंदोलन?
क्या आगे यह आंदोलन अब एक हुड़दंग की तरफ बढ़ रहा है? फिलहाल, उत्तराखंड अधीनस्थ चयन आयोग के पटवारी आदि के पेपर लीक होने के बाद शुरू हुआ छात्रों का आक्रोश अब हिंसक रूप ले चुका है। ये विडियो देखिये..