UKSSSC पेपर लीक: जन संवाद में बड़ी संख्या में पहुंचे छात्र और शिक्षक, आयोग के सामने रखे ये सुझाव

UKSSSC द्वारा प्रदेशभर में भर्ती परीक्षाओं में जांच प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए अभ्यर्थियों, शिक्षकों, कोचिंग संचालकों और अन्य हितधारकों से जनसुनवाई के मध्यम से सीधे संवाद स्थापित किया जा रहा है।
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UKSSSC paper leak: UKSSSC paper leak Students and teachers put forward ideas
Image: UKSSSC paper leak Students and teachers put forward ideas

देहरादून: उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की स्नातक स्तरीय परीक्षा पेपर लीक प्रकरण में गठित जांच आयोग अब पूरी तरह सक्रिय हो गया है। आयोग द्वारा प्रदेशभर में भर्ती परीक्षाओं में जांच प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए अभ्यर्थियों, शिक्षकों, कोचिंग संचालकों और अन्य हितधारकों से जनसुनवाई के मध्यम से सीधे संवाद स्थापित किया जा रहा है।

UKSSSC paper leak: Students and teachers put forward ideas

उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की टीम हल्द्वानी में दो दिवसीय जन संवाद के बाद शनिवार को रुद्रपुर पहुंची, जहां बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों और नागरिकों ने हिस्सा लिया। रुद्रपुर जन सुनवाई में शामिल अभ्यर्थियों ने अध्यक्ष न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) यू.सी. ध्यानी के समक्ष कहा कि परीक्षाओं में व्यापक अनियमितताएं और पेपर लीक की घटनाएं हुईं, जिससे ईमानदार उम्मीदवारों का भविष्य प्रभावित हुआ। अभ्यर्थियों ने आयोग से प्रभावित परीक्षाओं को रद्द कर नकलविहीन पुनः परीक्षा कराने की मांग की है। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुनवाई में मौजूद शिक्षकों और कोचिंग संस्थान संचालकों ने चयन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए टेक्नोलॉजी आधारित परीक्षा प्रणाली लागू करने का सुझाव दिया।

सभी जिलों में होंगे जनसुनवाई कार्यक्रम

आयोग कि ओर से आने वाले हफ्तों में उत्तराखंड के सभी जिलों में जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन जनसुनवाई कार्यक्रमों के मध्यम से अभ्यर्थी, शिक्षक और नागरिक सीधे अपने सुझाव रख सकेंगे। सभी जिलों से मिले विचारों के आधार पर आयोग अपनी अंतिम रिपोर्ट तैयार कर सरकार को सौंपेगा। इस रिपोर्ट में पेपर लीक प्रकरण की जांच के साथ-साथ भविष्य में परीक्षाओं को नकलमुक्त और पारदर्शी बनाने के ठोस उपाय शामिल होंगे। आयोग का उद्देश्य दोषियों की पहचान के साथ भर्ती प्रणाली में विश्वास और पारदर्शिता बहाल करना है।

पेपर लीक मामले में युवाओं का आक्रोश

गौरतलब है कि बीते 21 सितंबर 2025 को आयोजित UKSSSC स्नातक परीक्षा का पेपर लीक मामले के बाद युवाओं में आक्रोश अब भी जारी है। इस घटना के बाद सरकार ने तत्काल प्रभाव से सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति यू.सी. ध्यानी की अध्यक्षता में एकल सदस्यीय जांच आयोग का गठन किया था। आयोग को पेपर लीक की पूरी साजिश, संबंधित व्यक्तियों की भूमिका, और प्रणालीगत खामियों की गहन जांच का दायित्व सौंपा गया है।