उत्तराखंड: बर्फ से ढके लोकपाल लक्ष्मण मंदिर और हेमकुंड साहिब, आज भक्तों के लिए बंद होंगे कपाट

आज चमोली जिले में स्थित लोकपाल लक्ष्मण मंदिर और हेमकुंड साहिब मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद हो जाएंगे..
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Lokpal Laxman Temple: Lokpal Laxman and Hemkund gates to close for devotees today
Image: Lokpal Laxman and Hemkund gates to close for devotees today

चमोली: चमोली जिले में स्थित लोकपाल लक्ष्मण मंदिर और हेमकुंड साहिब मंदिर के कपाट आज 10 अक्तूबर को शीतकाल के लिए बंद हो जाएंगे। बीते कुछ दिनों से पूरा धाम बर्फ से ढक गया है।

Lokpal Laxman and Hemkund gates to close for devotees today

उत्तराखंड के ऊंचाई वाले पर्वतीय चोटियों में पर बीते कुछ दिनों में बारिश के साथ बर्फ़बारी हुई है, जिससे प्रदेश की चोटियां बर्फ से ढक गई है। प्रदेश के केदारनाथ, बदरीनाथ, लोकपाल लक्ष्मण मंदिर और हेमकुंड साहिब धाम भी बर्फ की चादर से ढक गए हैं। बर्फबारी होने से तीर्थस्थलों की सुंदरता और भी निखर गई है। आज शुक्रवार 10 अक्तूबर को चमोली जिले में स्थित लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट परंपरानुसार दोपहर 12 बजकर 31 मिनट पर शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे। आपको बता दें कि लक्ष्मण लोकपाल मंदिर और हेमकुंड साहिब गुरुद्वारा एक ही परिसर में स्थित हैं, जहाँ श्रद्धालु दोनों स्थलों के दर्शन करते हैं। कहा जाता है कि इस स्थान पर लक्ष्मण ने तपस्या की थी। लक्ष्मण को इस पूरे क्षेत्र का क्षेत्राधिपति भी माना जाता है।

दो बजे बंद होंगे हेमकुंड साहिब के कपाट

इसके साथ ही आज 10 अक्टूबर को ही दोपहर दो बजे हेमकुंड साहिब के कपाट भी शीतकाल के लिए विधिवत रूप से बंद कर दिए जाएंगे। आज इस साल की अंतिम अरदास के साथ कपाट बंद करने की धार्मिक प्रक्रिया आरंभ हो चुकी है। आज सुबह 10 बजे सुखमणी साहिब के पाठ के बाद यह पवित्र अनुष्ठान शुरू किया जा चुका है। इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनने के लिए देश-विदेश से भारी संख्या में श्रद्धालु भी पहुंचे हैं।

दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

हेमकुंड साहिब ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा ने बताया कि सुखमणी साहिब के पाठ के उपरांत कीर्तन किया जाएगा। इसके पश्चात गुरुग्रंथ साहिब को श्रद्धापूर्वक सचखंड में सुशोभित किया जाएगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार दोपहर एक बजे हेमकुंड साहिब के कपाट शीतकालीन अवकाश के लिए बंद कर दिए जाएंगे। इस वर्ष अब तक दो लाख 72 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने हेमकुंड साहिब में दर्शन का सौभाग्य प्राप्त किया है। बता दें कि 25 मई 2025 को हेमकुंड साहिब के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले गए थे, और 10 अक्तूबर 2025 को उनके बंद होने के साथ यह यात्रा 139 दिनों तक चली।