कंबाइंड हायर सेकेंडरी लेवल (CHSL) परीक्षा में शामिल एक अभ्यर्थी ब्लूटूथ डिवाइस के साथ पकड़ा गया। परीक्षा केंद्र प्रशासन की सूचना पर मौके पर पहुँची पुलिस ने उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Candidate arrested with Bluetooth device during SSC exam
देहरादून: कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की ओर से आयोजित कंबाइंड हायर सेकेंडरी लेवल (CHSL) परीक्षा के दौरान महादेवी इंटर कॉलेज से नकल का बड़ा मामला सामने आया। इस परीक्षा में शामिल एक अभ्यर्थी ब्लूटूथ डिवाइस के साथ पकड़ा गया, जिसके माध्यम से वह नकल करने वाला था। परीक्षा केंद्र प्रशासन की सूचना पर मौके पर पहुँची पुलिस ने उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया।
Candidate arrested with Bluetooth device during SSC exam
देहरादून एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि कर्मचारी चयन आयोग (SSC) के ग्रुप-बी और ग्रुप-सी पदों के लिए मंगलवार को महादेवी इंटर कॉलेज परिसर में स्थित महादेव डिजिटल जोन में ऑनलाइन परीक्षा आयोजित की गई थी। इसी दौरान सुबह 10 बजे परीक्षा की पहली पाली शुरू होने के कुछ समय बाद परीक्षा में शामिल दीपक शौचालय जाने के बहाने परीक्षा कक्ष से बाहर निकला। जब वो शौचालय के बाद वापस लौटा तो परीक्षा केंद्र के स्टाफ ने नियमों के तहत उसकी दोबारा तलाशी ली, जिसमें उसके पास से ब्लूटूथ डिवाइस मिला। अभ्यर्थी दीपक के पास से ब्लूटूथ डिवाइस मिलने के बाद परीक्षा केंद्र में हड़कंप मच गया। परीक्षा केंद्र प्रशासन ने इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी।
हरियाणा का निवासी है आरोपी अभ्यर्थी
परीक्षा केंद्र प्रशासन की ओर से सूचना मिलते ही शहर कोतवाली के एसओ प्रदीप पंत अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस टीम द्वारा प्रारंभिक जांच के आधार पर दीपक को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार किए गए अभ्यर्थी की पहचान हरियाणा के रोहतक जिले की तहसील सांपना के गांव भैंसरो खुर्द के निवासी दीपक के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके खिलाफ सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस पूछताछ में दीपक ने बताया कि उसको ये ब्लूटूथ डिवाइस परीक्षा केंद्र में बतौर सहायक कार्यरत लकी सिंह ने उपलब्ध कराई थी। डिवाइस के माध्यम से उसका एक अन्य परिचित जैश प्रश्न हल कर उसे जवाब भेजने वाला था। पुलिस अब इन दोनों आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
सरकार का दावा फेल
हाल ही में उत्तराखंड (UKSSSC) पेपर लीक प्रकरण के बाद नकल उत्तराखंड सरकार विरोधी कानून को कड़ाई से लागू करने के दावे कर रही थी। इसके बावजूद एक बार फिर इलेक्ट्रॉनिक उपकरण परीक्षा केंद्र तक पहुँच गया, जिससे सुरक्षा इंतज़ामों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।