उत्तराखंड के 421 कालेजों में बनेंगे प्लेसमेंट सेल, 5 सालों में स्किल डेवलपमेंट से जुड़ेंगे 70% छात्र

स्किल डेवलपमेंट के लिए राज्य सरकार कई प्रमुख राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ साझेदारी कर रही है। इनमें नैसकॉम, इंफोसिस स्प्रिंगबोर्ड और बाधवानी फाउंडेशन शामिल हैं।
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Skill Development: 70 Percent students will be involved in skill development in 5 years
Image: 70 Percent students will be involved in skill development in 5 years

देहरादून: उत्तराखंड के उच्च शिक्षा एवं प्रौद्योगिकी संस्थान आने वाले पांच वर्षों में व्यापक बदलाव की दिशा में तेज़ी से कदम बढ़ा रहे हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य 70 प्रतिशत छात्रों को आधुनिक स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रमों से जोड़ना है, ताकि युवाओं को उद्योग आधारित कौशल, रोजगार और उद्यमिता के अधिक अवसर मिल सकें।

70% students will be involved in skill development in 5 years

इस उद्देश्य के तहत विश्वविद्यालयों, राजकीय व निजी महाविद्यालयों, आईटीआई और पॉलिटेक्निक संस्थानों में दाखिल छात्रों को उच्च गुणवत्ता वाले प्रशिक्षण कार्यक्रम उपलब्ध कराए जा रहे हैं। स्किल डेवलपमेंट के लिए राज्य सरकार कई प्रमुख राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ साझेदारी कर रही है। इनमें नैसकॉम, इंफोसिस स्प्रिंगबोर्ड और बाधवानी फाउंडेशन शामिल हैं। इन संस्थानों के सहयोग से डिजिटल स्किल्स, कम्युनिकेशन, प्रोग्रामिंग, एंटरप्रेन्योरशिप और नई तकनीक पर आधारित कई नए पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। अमृता विश्वविद्यापीठम विश्वविद्यालय की मदद से 40 महाविद्यालयों में वर्चुअल लैब सुविधा शुरू की गई है, जिससे छात्रों को प्रैक्टिकल लर्निंग में फायदा हो रहा है। IIT कानपुर छात्रों को नि:शुल्क कोचिंग और तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध करा रहा है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने अब तक 6441 छात्रों को वित्तीय व बैंकिंग क्षेत्र में प्रशिक्षण देकर उनके करियर के अवसर मजबूत किए हैं।

10,000 छात्रों का कैंपस प्लेसमेंट

उत्तराखंड के उच्च शिक्षा विभाग ने छात्रों की मुख्य जरूरतों "कौशल अंतराल की पहचान, उद्योग-शैक्षणिक संस्थान (Industry-Academia) की बेहतर साझेदारी, अधिक से अधिक प्लेसमेंट" के क्षेत्रों पर तेज़ी से काम शुरू कर दिया है। चतुर्थ सत्र से विश्वविद्यालयों में उद्योग–उन्मुख पाठ्यक्रम शामिल किए जा रहे हैं, जिसमें मार्केट और उद्योग आधारित नई पाठ्यचर्या, विद्यार्थियों के लिए इंटर्नशिप व अप्रेंटिसशिप और विश्वविद्यालयों में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना शामिल हैं। प्रदेश के 119 राजकीय महाविद्यालय और विश्वविद्यालयों को प्रतिवर्ष 10,000 छात्रों का कैंपस प्लेसमेंट सुनिश्चित करने का लक्ष्य दिया गया है। इन संस्थानों को निर्देश दिया गया है कि अंतिम वर्ष में कैंपस इंटरव्यू आयोजित किए जाएँ, छात्रों को कम से कम 1 लाख रुपये प्रतिमाह का पैकेज दिलाया जाए। लक्ष्य यह है कि उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले 10,000 युवा हर वर्ष रोजगार के माध्यम से लखपति बनें।

रैंकिंग और ग्रेडिंग सुधारने के लिए अभियान

राज्य के कुल 421 स्ववित्तपोषित, अशासकीय, राजकीय महाविद्यालय और विश्वविद्यालयों को अपने-अपने परिसरों में अनिवार्य रूप से प्लेसमेंट सेल का गठन करना होगा। साथ ही राज्य सरकार राष्ट्रीय स्तर की रैंकिंग और NAAC ग्रेडिंग सुधारने के लिए विशेष अभियान चला रही है। उत्तराखंड में वर्तमान शिक्षा व्यवस्था का दायरा काफी व्यापक है। यहाँ 119 राजकीय महाविद्यालयों में लगभग 82,400 छात्र अध्ययनरत हैं, जबकि 381 निजी संस्थानों में करीब 2,50,000 छात्र शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, 45 विश्वविद्यालयों में लगभग 2,40,000 विद्यार्थियों का नामांकन है। कौशल आधारित शिक्षा के क्षेत्र में भी राज्य आगे बढ़ रहा है, जहाँ 71 आईटीआई संस्थानों में करीब 17,500 छात्र प्रशिक्षण ले रहे हैं तथा 65 पॉलिटेक्निक संस्थानों में लगभग 14,600 छात्र तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। कुल मिलाकर, राज्य की शिक्षा व्यवस्था विभिन्न स्तरों पर बड़ी संख्या में छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करा रही है।

नियमित प्रशिक्षण और स्टार्टअप

“देवभूमि उद्यमिता प्रशिक्षण संस्थान सभी विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में नियमित प्रशिक्षण और स्टार्टअप–नवाचार कार्यक्रमों से युवाओं को जोड़ रहा है। औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के छात्रों को विशेष कौशल प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि आने वाले वर्षों में 80% से अधिक युवाओं को देश-विदेश में बेहतर पैकेज पर नौकरी मिल सके।”