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देहरादून: उत्तराखंड की राजनीति के एक महत्वपूर्ण और प्रभावशाली चेहरा रहे दिवाकर भट्ट का आज निधन हो गया। वे लंबे समय से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे थे। गुरुवार शाम उन्होंने अपने आवास पर अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर मिलते ही पूरे राज्य में शोक की लहर दौड़ गई।
दिवाकर भट्ट उत्तराखंड राज्य आंदोलन के शुरुआती दौर से ही एक सक्रिय और प्रमुख चेहरा रहे। उत्तराखंड राज्य आन्दोलन के फील्ड मार्शल कहे जाने वाले दिवाकर भट्ट उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) के संस्थापक सदस्यों में से एक थे। वे लंबे समय तक यूकेडी के साथ रहकर अलग राज्य की मांग को मजबूती देते रहे। उत्तराखंड राज्य आंदोलन के दौरान उनकी भूमिका काफी प्रभावशाली मानी जाती है, और उन्होंने जन-आंदोलन को दिशा देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
राजनीतिक जीवन में आगे बढ़ते हुए दिवाकर भट्ट विधायक बने और बाद में उन्हें राज्य सरकार में कैबिनेट मंत्री का पद भी मिला। कुछ वर्षों बाद उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया, जहां उन्होंने अपनी राजनीतिक यात्रा जारी रखी। हालांकि, बाद में वे फिर वापस अपने मूल संगठन, उत्तराखंड क्रांति दल, में लौट आए और पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद पर भी रहे। दिवाकर भट्ट के निधन से न सिर्फ उनके समर्थक, बल्कि राज्य आंदोलन से जुड़े अनेक कार्यकर्ता और राजनीतिक नेतृत्व भी शोकाकुल हैं। राज्य निर्माण में उनकी भूमिका हमेशा याद रखी जाएगी। श्रधांजलि।