गंगोत्री मार्ग पर पेड़ों की सुरक्षा के लिए हाईवे की चौड़ाई 12 मीटर के बजाय 11 मीटर रखने पर सहमति बनी है। बीआरओ वर्तमान में सड़क की डीपीआर (डिज़ाइन परियोजना रिपोर्ट) तैयार कर रहा है।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Cutting of trees will be reduced on Gangotri Highway
उत्तरकाशी: केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय और बार्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन (बीआरओ) के बीच हुआ सहमति के बाद फैसला लिया गया है कि चारधाम सड़क परियोजना के तहत भारत-चीन सीमा से जुड़ने वाले गंगोत्री हाईवे पर अब केवल 1,413 पेड़ ही कटेंगे। पेड़ों की सुरक्षा के लिए हाईवे की चौड़ाई 12 मीटर के बजाय 11 मीटर रखने पर सहमति बनी है। बीआरओ वर्तमान में सड़क की डीपीआर (डिज़ाइन परियोजना रिपोर्ट) तैयार कर रहा है।
Cutting of trees will be reduced on Gangotri Highway
जानकरी के अनुसार चारधाम सड़क परियोजना के अंतर्गत उत्तरकाशी जिले के चुंगी बड़ेथी से भैरव घाटी तक लगभग 90 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण पांच चरणों में किया जाएगा। पहले चरण में भैरव घाटी से झाला तक 15 किलोमीटर लंबी 12 मीटर चौड़ी सड़क बननी थी। इस डीपीआर का अनुमानित खर्च 321 करोड़ रुपये था। इसके दायरे में 6,822 पेड़ आ रहे थे, जिसे लेकर पर्यावरणविदों ने विरोध जताया था।
पेड़ों को दूसरी जगह किया जाएगा शिफ्ट
बीआरओ कमांडर राज किशोर सिंह ने बताया कि सड़क की चौड़ाई कम करने के बाद अब केवल 1,413 पेड़ ही कटेंगे, जबकि 1,202 पेड़ों को ट्रांसप्लांट कर दूसरी जगह शिफ्ट किया जाएगा। सड़क चौड़ीकरण के नए प्रस्ताव में एलाइनमेंट को भी बदला गया है। नदी की तरफ सुरक्षा दीवार बनाकर हाईवे की चौड़ाई बढ़ाई जाएगी। इससे विपरीत दिशा में चौड़ीकरण की वजह से कटने वाले पेड़ भी सुरक्षित रहेंगे।
देवदार के पेड़ काटने को लेकर विवाद
क्षेत्र में देवदार के पेड़ काटने को लेकर विवाद लंबे समय से चला आ रहा था। पर्यावरणविदों ने परियोजना के पुराने प्रारूप का विरोध किया था, जबकि कुछ स्थानीय लोग हाईवे चौड़ीकरण के पक्ष में थे। नई योजना से अब पर्यावरणीय और स्थानीय हितों का संतुलन बनाने का प्रयास किया गया है।