रुद्रप्रयाग जिले के गुप्तकाशी में गरीब युवक को ‘मुफ्त सेवा नहीं दूंगा’ कहना पड़ा भारी! शीतकालीन यात्रा की आड़ में बेरोजगार युवक पर टूटा NH कर्मचारियों का कहर, खत्म कर डाला रोजगार..
-
राज्य समीक्षा डेस्क
-
Advertisement
ये ट्रेक्स गूगल मैप पर भी नहीं मिलेंगे! केदार हिमालय के छुपे हुए रास्ते
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
Example Ads Media
Image: Brutality by NH employees in Guptkashi
रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के गुप्तकाशी क्षेत्र से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां नेशनल हाईवे से जुड़े कर्मचारियों पर एक गरीब और बेरोजगार युवक के साथ बर्बरता और तोड़फोड़ करने के आरोप लगे हैं। यह मामला सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद सुर्खियों में आ गया है।
Brutality by NH employees in Guptkashi
दरअसल, गुप्तकाशी के नारायणकोटि निवासी युवक अभिषेक ने किसी तरह कर्ज लेकर गाड़ी और बाइक धुलाई का छोटा सा केंद्र शुरू किया था। यह केंद्र ही उसके और उसके परिवार की आजीविका का एकमात्र सहारा बताया जा रहा है। आरोप है कि नेशनल हाईवे के कर्मचारियों ने अभिषेक से जबरन मुफ्त में वाहन धुलवाने की मांग की। जब अभिषेक ने नियम अनुसार धुलाई के पैसे मांगे, तो लगभग 30 NH कर्मचारियों ने कथित रूप से उस पर धावा बोल दिया और धुलाई सेण्टर का रास्ता तोड़ दिया। घटना बताती है कि NH के अधिकारी मुफ्तखोरी की गलत आदत के चलते आम गरीब लोगों को किस प्रकार परेशान करते हैं।
सरकारी लोन लेकर बनाई संपत्ति में NH की तोड़फोड़
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कर्मचारियों की टीम ने युवक के धुलाई केंद्र पर पहुंचकर तोड़फोड़ की, मशीनों और अन्य सामान को नुकसान पहुंचाया। आरोप यह भी है कि यह सब शीतकालीन यात्रा की तैयारियों और साफ-सफाई कार्यों की आड़ में किया गया।
सरकारी काम या मुफ्तखोरों की दबंगई ?
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के तहत जिले में शीतकालीन यात्रा को लेकर व्यापक तैयारियां चल रही हैं, लेकिन इसी प्रक्रिया में एक स्थानीय युवक के रोजगार को नुकसान पहुंचाए जाने का आरोप अब प्रशासन के लिए सवाल बन गया है।
वीडियो वायरल होने से खुली पोल
गुप्तकाशी क्षेत्र के युवा सुभाष अन्थ्वाल जब अपनी गाड़ी धुलवाने अभिषेक के केंद्र पर पहुंचे, तो उन्होंने वहां का क्षतिग्रस्त हालात देखा। इसके बाद उन्होंने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया, जो तेजी से वायरल हो गया।
वीडियो सामने आने के बाद नेशनल हाईवे कर्मचारियों पर लगे आरोपों ने क्षेत्र में आक्रोश और नाराजगी का माहौल पैदा कर दिया है।
जनता में रोष, कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी विभागों से जुड़े कुछ कर्मचारी काम के नाम पर आम पहाड़ी लोगों को प्रताड़ित करते हैं, और यह घटना उसी मानसिकता को उजागर करती है। लोगों का है कि इस पूरे मामले का संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी गरीब या बेरोजगार युवक के साथ ऐसा अन्याय न हो।
बड़ा सवाल
अब सवाल यह है कि क्या सरकार और प्रशासन इस वायरल मामले पर सख्त रुख अपनाएंगे, या फिर यह मामला भी अन्य घटनाओं की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा? ये विडियो भी देखिये...