उत्तराखंड के सिनेमा इतिहास में नया अध्याय! पहली म्यूज़िकल फिल्म “चक्रव्यू” का शुभारंभ

अब बड़े परदे पर बजेगा उत्तराखंड का लोकसंगीत, पहली म्यूज़िकल फ़िल्म “चक्रव्यू” का भव्य आग़ाज़..
Advertisement हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम

पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।

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Chakravyu Film: first musical film Chakravyu launched
Image: first musical film Chakravyu launched

रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड सिनेमा के इतिहास में एक ऐतिहासिक पल जुड़ गया है। Cinefixtion Entertainment उत्तराखंड की पहली म्यूज़िकल कल्चरल फ़िल्म का निर्माण करने जा रही है, जिसकी आज 1 जनवरी 2026 को विधिवत शुरुआत हुई।

first musical film Chakravyu launched

पहाड़, लोकगीत और सिनेमा—उत्तराखंड की पहली म्यूज़िकल फ़िल्म “चक्रव्यू” आज पहली जनवरी 2026 को शुरू हो गई है। यह फिल्म उत्तराखंड का पहला म्यूज़िकल सिनेमा एक्सपेरिमेंट होगा। इस महत्वाकांक्षी फ़िल्म का निर्देशन कर रहे हैं शुभम सेमवाल। फ़िल्म की कहानी प्रसिद्ध विद्वान आचार्य डॉ. कृष्णानंद नौटियाल जी द्वारा लिखित “चक्रव्यू” पर आधारित है।

90 मिनट का लोकसंगीत, “चक्रव्यू” से बनेगा इतिहास

फिल्म में केदारघाटी में गूंजने वाले लोक संगीत जैसे पंडवली, जागर, नग्वली, खुदेड़ आदि पर आचार्य नौटियाल द्वारा संकलित लोक धुनों का संगीत निर्देशन अखिल मौर्य कर रहे हैं। फिल्म की परिकल्पना शैलेश नौटियाल की है और वो फ़िल्म में एसोसिएट डायरेक्टर की महत्वपूर्ण भूमिका में भी नज़र आएंगे।
इस प्रोजेक्ट को केदारघाटी मंडाण सांस्कृतिक लोक कला मंच गुप्तकाशी एवं Cinefixtion Entertainment के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। फ़िल्म के निर्माता हैं अनिरुद्ध सिंह बघेल, जो उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत को सिनेमा के माध्यम से नई पहचान दिलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

नए साल पर मुहूर्त समारोह

आज फ़िल्म का मुहूर्त केदारनाथ की विधायक आशा नौटियाल के देहरादून स्थित आवास पर संपन्न हुआ। केदारघाटी की विधायक ने फ़िल्म का विधिवत क्लैप किया और पूरी टीम को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि ऐसी सांस्कृतिक फ़िल्में उत्तराखंड की परंपराओं और लोकसंस्कृति को वैश्विक मंच पर पहुँचाने का सशक्त माध्यम बनेंगी।

लोकसंस्कृति, संगीत और परंपराओं की फिल्म

इस अवसर पर केदारघाटी मंडाण के संरक्षक श्री नरेंद्र रौथाण जी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने बताया कि यह फ़िल्म उत्तराखंड की लोकसंस्कृति, संगीत और परंपराओं को भव्य सिनेमाई रूप में प्रस्तुत करेगी और दर्शकों के दिलों से जुड़ने का कार्य करेगी।