उत्तराखंड के मंत्री सतपाल महाराज ने फिल्म ‘गोदान’ को गौमाता के संरक्षण और सनातन मूल्यों को पुनर्जीवित करने का सशक्त माध्यम बताया। 40 करोड़ की लागत से बनी यह फिल्म 6 फरवरी 2026 को देशभर में रिलीज होगी।
-
राज्य समीक्षा डेस्क
-
Advertisement
जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
Example Ads Media
Image: Satpal Maharaj launched the poster of the Godaan film
देहरादून: सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति में गौमाता के महत्व को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से बनी फीचर फिल्म गोदान के टीज़र, गीत और पोस्टर का गुरुवार को भव्य लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर प्रदेश के पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि “सनातन की आत्मा गौमाता में बसती है। आज जब समाज अपनी जड़ों से दूर होता जा रहा है, तब यह फिल्म गौमाता की गुम होती पहचान को बचाने का एक सशक्त प्रयास है।”
Satpal Maharaj launched the poster of the 'Godaan' film
यह कार्यक्रम देहरादून स्थित सुभाष रोड पर मंत्री के कैंप कार्यालय में आयोजित किया गया, जहां बड़ी संख्या में फिल्म से जुड़े कलाकार, निर्माता और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। मंत्री सतपाल महाराज ने फिल्म निर्माण से जुड़ी पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि बॉलीवुड आज परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। उन्होंने कहा कि अब फिल्में केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक और वैचारिक मुद्दों पर भी प्रभावशाली संदेश दे रही हैं। ‘गोदान’ ऐसी ही एक फिल्म है, जो समाज को सोचने पर मजबूर करती है।
गौमाता के महत्व को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से दर्शाती है ‘गोदान’
मंत्री ने बताया कि निर्देशक विनोद चौधरी द्वारा निर्देशित यह फिल्म गौमाता के धार्मिक ही नहीं, बल्कि वैज्ञानिक और सामाजिक महत्व को भी उजागर करती है। उन्होंने कहा कि यह फिल्म खासतौर पर देश के युवाओं को सनातन मूल्यों और भारतीय संस्कृति से जोड़ने का कार्य करेगी। सतपाल महाराज ने जानकारी दी कि करीब 40 करोड़ रुपये की लागत से बनी फिल्म ‘गोदान’ को 6 फरवरी 2026 से पूरे देश के सिनेमाघरों में रिलीज किया जाएगा। फिल्म की भव्यता को दर्शाने के लिए इसकी शूटिंग उत्तराखंड की प्राकृतिक वादियों, नोएडा, मथुरा और मुंबई में की गई है। कहानी को अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए इसमें कई वास्तविक घटनाओं को भी शामिल किया गया है।
गौहत्या पर भी पड़ेगा सकारात्मक प्रभाव
मंत्री ने भावुक स्वर में कहा “मेरा विश्वास है कि यदि गौहत्या जैसे अपराधों में शामिल लोग भी इस फिल्म को देख लें, तो उनका हृदय परिवर्तन अवश्य होगा।” उन्होंने कहा कि ‘गोदान’ केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि एक गंभीर सामाजिक और आध्यात्मिक संदेश लेकर आ रही है।
संस्कृति, संवेदना और चेतना का संगम
फिल्म ‘गोदान’ को लेकर उपस्थित कलाकारों और निर्माताओं ने भी इसे समाज में गौ संरक्षण, करुणा और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने वाला प्रयास बताया। यह फिल्म भारतीय समाज को अपनी संस्कृतिक जड़ों की ओर लौटने का संदेश देती है।