उत्तराखंड हाई कोर्ट में नेतृत्व परिवर्तन हुआ है और इलाहाबाद हाई कोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता को नया चीफ जस्टिस नियुक्त किया गया है। वे 10 जनवरी से पदभार संभालेंगे और न्यायमूर्ति जी. नरेंद्र का स्थान लेंगे।
Image: Manoj Kumar Gupta become Chief Justice of Uttarakhand High Court
नैनीताल: उत्तराखंड हाई कोर्ट को आखिरकार नया मुख्य न्यायाधीश मिल गया है। इलाहाबाद हाई कोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता को उत्तराखंड हाई कोर्ट का नया चीफ जस्टिस नियुक्त किया गया है। इस नियुक्ति के साथ ही न्यायिक प्रशासन में एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है।
Manoj Kumar Gupta become Chief Justice of Uttarakhand High Court
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश के बाद भारत सरकार ने इस नियुक्ति को मंजूरी देते हुए राष्ट्रपति को प्रस्ताव भेजा था। अब विधि एवं न्याय मंत्रालय ने आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। यह नियुक्ति संविधान के अनुच्छेद 217(1) के तहत की गई है। न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता 10 जनवरी से उत्तराखंड हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्यभार संभालेंगे। मनोज कुमार गुप्ता नैनीताल हाईकोर्ट में वर्तमान चीफ जस्टिस न्यायमूर्ति जी. नरेंद्र का स्थान लेंगे, जो 9 जनवरी 2026 को सेवानिवृत्त हो रहे हैं।
कौन हैं न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता?
न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता का जन्म 9 अक्टूबर 1964 को हुआ था। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से वर्ष 1987 में एलएलबी की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद 6 दिसंबर 1987 को अधिवक्ता के रूप में पंजीकरण कराकर उन्होंने अपने विधिक करियर की शुरुआत की। अपने शुरुआती करियर में उन्होंने मुख्य रूप से सिविल, संवैधानिक और किराया नियंत्रण कानून से जुड़े मामलों में प्रैक्टिस की। उनकी कानूनी समझ और फैसलों ने उन्हें इलाहाबाद हाई कोर्ट में एक मजबूत पहचान दिलाई। 12 अप्रैल 2013 को वे इलाहाबाद हाई कोर्ट में अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त हुए, उसके बाद 10 अप्रैल 2015 को वे स्थायी न्यायाधीश बने। उन्होंने 22 नवंबर 2023 से 4 फरवरी 2024 तक कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की जिम्मेदारी निभाई। कानूनी मामलों में गहरी पकड़, प्रशासनिक अनुभव और संवैधानिक दृष्टिकोण के कारण न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता की नियुक्ति को उत्तराखंड हाई कोर्ट के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनके नेतृत्व में न्यायिक प्रक्रिया के और अधिक सुदृढ़ होने की उम्मीद की जा रही है।