उत्तराखंड: फायर NOC की एवज में ₹20 हजार की मांग, रिश्वत लेते हुए फायरमैन रंगे हाथ गिरफ्तार

पौड़ी जिले के कोटद्वार में फायर एनओसी के बदले रिश्वत मांगने के आरोप में लीडिंग फायरमैन रणवीर सिंह को ₹20,000 लेते हुए विजिलेंस ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी ने पहले ₹40 हजार की मांग की थी।
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Bribe taker arrested: Fireman arrested red-handed while taking a bribe
Image: Fireman arrested red-handed while taking a bribe

कोटद्वार: उत्तराखंड में सरकारी अधिकारियों द्वारा रिश्वत लेने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। विजिलेंस विभाग की सख्त कार्रवाई के बावजूद भ्रष्टाचार का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला पौड़ी जिले के कोटद्वार से सामने आया है, जहां फायर स्टेशन में तैनात एक लीडिंग फायरमैन को ₹20,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है।

Fireman arrested red-handed while taking a bribe

जानकारी के अनुसार कोटद्वार स्थित एक निजी स्कूल ने फायर एनओसी (No Objection Certificate) के लिए फायर स्टेशन में आवेदन किया था। इस मामले की जांच की जिम्मेदारी लीडिंग फायरमैन रणवीर सिंह को सौंपी गई थी। रणवीर सिंह अपनी टीम के साथ स्कूल का निरीक्षण भी कर चुके थे। निरीक्षण के बाद स्कूल प्रबंधन की ओर से सभी आवश्यक दस्तावेज फायर स्टेशन में जमा कर दिए गए थे। नियमों के अनुसार इसके बाद एनओसी जारी होनी थी, लेकिन आरोप है कि रणवीर सिंह ने जानबूझकर फाइल को उच्च अधिकारियों के पास नहीं भेजा और प्रक्रिया को लटकाए रखा।

विजिलेंस टीम ने किया रंगे हाथ गिरफ्तार

जब स्कूल प्रबंधन ने एनओसी में हो रही देरी को लेकर रणवीर सिंह से संपर्क किया, तो उन्होंने कथित तौर पर ₹40,000 की रिश्वत की मांग की। स्कूल प्रबंधन द्वारा इनकार करने पर सौदा ₹20,000 में तय करने की बात कही गई। रिश्वत देने से इनकार करते हुए स्कूल प्रबंधन ने डायल 164 पर विजिलेंस विभाग से शिकायत दर्ज कराई। प्राथमिक जांच में शिकायत सही पाए जाने पर विजिलेंस ने ट्रैप टीम का गठन किया। योजना के तहत बीते सोमवार को रणवीर सिंह ने स्कूल प्रबंधक को रिश्वत लेकर फायर स्टेशन बुलाया। जैसे ही उसने ₹20,000 की रिश्वत ली, पीछे से पहुंची विजिलेंस टीम ने उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।

घर की तलाशी में दस्तावेज बरामद

गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस टीम ने आरोपी के घर पर भी तलाशी ली। इस दौरान कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि उत्तराखंड में रिश्वतखोरी के खिलाफ विजिलेंस विभाग लगातार कार्रवाई कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।