उत्तराखंड: सरकार का आंदोलनकारियों को बड़ा तोहफा, पेंशन बढ़ी.. शहीद परिवारों को भी राहत

उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य आंदोलनकारियों और शहीद परिवारों की पेंशन में बड़ी बढ़ोतरी को मंजूरी दी। घायल, जेल गए, दिव्यांग और आश्रितों को अब मिलेगी बढ़ी हुई मासिक पेंशन। जानिए नई दरें और पूरा विवरण।
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Uttarakhand State Agitators Pension: Uttarakhand government increased the pension of the agitators
Image: Uttarakhand government increased the pension of the agitators

देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने राज्य आंदोलनकारियों और उनके परिजनों के लिए बड़ा निर्णय लेते हुए विभिन्न श्रेणियों की मासिक पेंशन में बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में लिया गया यह फैसला राज्य निर्माण आंदोलन से जुड़े लोगों के त्याग और बलिदान के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक माना जा रहा है। सरकार के इस निर्णय से हजारों आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों को सीधा लाभ मिलेगा।

Uttarakhand government increased the pension of the agitators

राज्य सरकार के आदेश के अनुसार, उत्तराखंड राज्य आंदोलन के दौरान सात दिन तक जेल गए या आंदोलन में घायल हुए आंदोलनकारियों की मासिक पेंशन ₹6000 से बढ़ाकर ₹7000 कर दी गई है। यह फैसला उन लोगों के लिए राहत लेकर आया है जिन्होंने राज्य निर्माण की लड़ाई में सक्रिय भूमिका निभाई और कठिन परिस्थितियों का सामना किया। जेल गए या घायल श्रेणी से अलग अन्य राज्य आंदोलनकारियों की पेंशन में भी वृद्धि की गई है। इस श्रेणी के आंदोलनकारियों को अब ₹4500 की जगह ₹5500 प्रतिमाह पेंशन दी जाएगी। सरकार का मानना है कि राज्य आंदोलन में योगदान देने वाले सभी लोगों को समान रूप से सम्मान और सहयोग मिलना चाहिए।

दिव्यांग और बेडरिडन आंदोलनकारियों के लिए विशेष राहत

सबसे महत्वपूर्ण निर्णय उन आंदोलनकारियों के लिए लिया गया है, जो आंदोलन के दौरान गंभीर रूप से घायल होकर पूर्ण रूप से शय्याग्रस्त (बेडरिडन) हो गए थे। ऐसे आंदोलनकारियों की विशेष पेंशन ₹20,000 से बढ़ाकर ₹30,000 प्रतिमाह कर दी गई है। सरकार ने यह वृद्धि उनके चिकित्सा, देखभाल और बढ़ते खर्चों को ध्यान में रखते हुए की है, ताकि उन्हें बेहतर जीवनयापन में सहायता मिल सके।

पेंशन में बड़ी बढ़ोतरी

राज्य आंदोलन में शहीद हुए आंदोलनकारियों के परिवारों के लिए भी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। पहले जहां शहीदों के आश्रितों को ₹3000 प्रतिमाह पेंशन मिलती थी, अब इसे बढ़ाकर ₹5500 कर दिया गया है। यह निर्णय शहीदों के परिवारों के प्रति सरकार की संवेदनशीलता और जिम्मेदारी को दर्शाता है।

बढ़ी हुई पेंशन पर एक नजर

घायल या जेल गए आंदोलनकारियों की पेंशन ₹6000 से बढ़कर ₹7000
अन्य आंदोलनकारियों की पेंशन ₹4500 से बढ़कर ₹5500
दिव्यांग/बेडरिडन आंदोलनकारियों की पेंशन ₹20,000 से बढ़कर ₹30,000
शहीद आंदोलनकारियों के आश्रितों की पेंशन ₹3000 से बढ़कर ₹5500

सीएम धामी ने आंदोलनकारियों के त्याग को किया नमन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों का त्याग और बलिदान सदैव स्मरणीय रहेगा। उन्होंने कहा कि राज्य का गठन जिन संघर्षों और बलिदानों की बदौलत संभव हुआ, उन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकता।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पेंशन वृद्धि का यह निर्णय केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि राज्य आंदोलनकारियों और उनके परिवारों के प्रति सरकार की कृतज्ञता का प्रतीक है। सरकार भविष्य में भी उनके सम्मान, सुरक्षा और सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध रहेगी।
धामी सरकार का यह फैसला राज्य आंदोलनकारियों और शहीद परिवारों के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है। पेंशन में वृद्धि से न केवल आर्थिक सहयोग मिलेगा, बल्कि यह संदेश भी जाएगा कि राज्य सरकार आंदोलनकारियों के योगदान को पूरी गरिमा और सम्मान के साथ स्वीकार करती है।