उत्तराखंड: भू-माफियाओं का कहर! NH-707A धंसा, चारधाम यात्रा मुख्य मार्ग बंद.. खुलने में लगेंगे 20–25 दिन

मसूरी में अवैध खनन के चलते राष्ट्रीय राजमार्ग 707A का हिस्सा धंस गया, जिससे चारधाम जाने वाला मुख्य मार्ग बंद हो गया है। प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई के संकेत दिए हैं। जानें पूरी खबर और ट्रैफिक डायवर्जन की जानकारी।
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Mussoorie NH 707A Collapse: Chardham Yatra main route closed due to NH-707A collapse in Mussoorie
Image: Chardham Yatra main route closed due to NH-707A collapse in Mussoorie

देहरादून: उत्तराखंड के मसूरी में भू-माफियाओं के बढ़ते हौसलों ने इस बार सीधे राष्ट्रीय संपत्ति को निशाना बना दिया। राष्ट्रीय राजमार्ग 707A (NH-707A) का एक बड़ा हिस्सा अचानक धंस गया, जिससे मसूरी से कैंपटी, उत्तरकाशी और चारधाम जाने वाला प्रमुख मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है। प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि वाल्मीकि मंदिर के पास बड़े पैमाने पर अवैध खनन कर सड़क की नींव को खोखला कर दिया गया था, जिसके चलते यह गंभीर हादसा हुआ।

Chardham Yatra main route closed due to NH-707A collapse in Mussoorie

इस घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस और राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। जांच में सामने आया कि जेसीबी मशीनों से पहाड़ को काटकर सड़क के नीचे तक खुदाई की गई थी। इससे सड़क की आधारशिला कमजोर हो गई और गुरुवार शाम अचानक उसका एक हिस्सा भरभराकर ध्वस्त हो गया।

25 दिन में होगा पुनर्निर्माण

खनन विभाग ने स्पष्ट किया है कि संबंधित क्षेत्र में किसी प्रकार की खनन अनुमति जारी नहीं की गई थी। इसके बावजूद बड़े पैमाने पर खुदाई होना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। यह मार्ग न केवल चारधाम यात्रा के लिए अहम है, बल्कि लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी और कैम्पटी फॉल जैसे प्रमुख स्थलों तक पहुंचने का मुख्य रास्ता भी है। हर साल लाखों पर्यटक और श्रद्धालु इसी हाईवे से गुजरते हैं। सड़क बंद होने से स्थानीय निवासियों, व्यापारियों और होटल व्यवसायियों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। फिलहाल छोटे वाहनों के लिए मोतीलाल नेहरू मार्ग और बड़े वाहनों के लिए हाथीपांव रोड को वैकल्पिक मार्ग के रूप में उपयोग किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, सड़क के पुनर्निर्माण में लगभग 20–25 दिन लग सकते हैं।

एमडीडीए और तंत्र पर उठे सवाल

मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) पहले भी अनियमितताओं को लेकर विवादों में रहा है। जिस क्षेत्र में खुदाई हुई, वहां आवासीय नक्शा पास होने की बात सामने आई है। लेकिन जिस स्तर पर पहाड़ काटा गया, उससे आशंका जताई जा रही है कि भविष्य में कोई बड़ा व्यावसायिक निर्माण प्रस्तावित हो सकता है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतनी बड़ी खुदाई लंबे समय तक कैसे चलती रही और किसी विभाग को भनक तक नहीं लगी? क्या यह महज लापरवाही है या मिलीभगत?

अधिकारियों के बयान: सख्त कार्रवाई के संकेत

नायब तहसीलदार उपेंद्र सिंह राणा ने कहा “खनन विभाग, एमडीडीए और राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों को विस्तृत रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। सड़क की नींव को नुकसान पहुंचाना अत्यंत गंभीर मामला है। पूरे प्रकरण की गहन जांच की जा रही है।”
मसूरी नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने इसे राष्ट्रीय संपत्ति के साथ गंभीर खिलवाड़ बताते हुए दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की।
एसडीएम मसूरी राहुल आनंद ने स्पष्ट किया कि यदि नियमों के विरुद्ध कोई कार्य पाया गया तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हर हाल में की जाएगी।

भू-माफियाओं का बढ़ता नेटवर्क?

स्थानीय लोगों का दावा है कि क्षेत्र में लंबे समय से अवैध खनन जारी था, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। अब जब राष्ट्रीय राजमार्ग ध्वस्त हो गया है, तब प्रशासन सक्रिय हुआ है। यह घटना पहाड़ों में अनियंत्रित निर्माण और खनन के खतरनाक परिणामों की चेतावनी भी है। यदि समय रहते सख्ती नहीं बरती गई, तो भविष्य में और भी बड़े हादसे हो सकते हैं।