Uttarakhand News: पिथौरागढ़ से 130 पर्यावरण बटालियन हटाने का प्रस्ताव, सड़कों पर उतरे पूर्व सैनिक

पिथौरागढ़ में 130 प्रादेशिक सेना पर्यावरण बटालियन की दो कंपनियों को गुजरात शिफ्ट करने के प्रस्ताव के खिलाफ पूर्व सैनिकों और स्थानीय संगठनों ने विशाल रैली निकाली। मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपते हुए आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी गई।
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130 ETF Battalion: Protest Erupts Against 130 ETF Shift in Pithoragarh
Image: Protest Erupts Against 130 ETF Shift in Pithoragarh

पिथौरागढ़: सीमांत जिला पिथौरागढ़ में प्रस्तावित विस्थापन के विरोध में रामलीला मैदान टकाना से बड़ी जन रैली निकाली गई। रैली में पूर्व सैनिकों, महिलाओं, युवाओं और विभिन्न सामाजिक संगठनों की भारी भागीदारी रही। ढोल-नगाड़ों के साथ निकली यह रैली कलेक्ट्रेट पहुंची, जहां एडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया।

Protest Erupts Against 130 ETF Shift in Pithoragarh

प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट कहा कि जब तक 130 पर्यावरण बटालियन की दो कंपनियों को शिफ्ट करने का निर्णय वापस नहीं लिया जाता, आंदोलन जारी रहेगा। देहरादून से पहुंचे रिटायर्ड सैन्य अधिकारी राजीव रावत ने कहा कि बटालियन को पिथौरागढ़ से हटने नहीं दिया जाएगा और इसके लिए प्रदेशभर में जनसमर्थन जुटाया जाएगा। पूर्व सैनिक संगठन के जिलाध्यक्ष मयूख भट्ट ने कहा कि यह केवल पूर्व सैनिकों का मुद्दा नहीं, बल्कि सीमांत क्षेत्र के पर्यावरण, रोजगार और सुरक्षा से जुड़ा जन आंदोलन है।

गुजरात शिफ्टिंग का विरोध

वक्ताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ईटीएफ (Ecological Task Force) की दो कंपनियों को अरावली क्षेत्र (गुजरात) भेजने की तैयारी में है। रिटायर्ड कर्नल राजीव रावत ने कहा कि कुमाऊं में कार्यरत 130 बटालियन और गढ़वाल में कार्यरत 127 बटालियन को भी भविष्य में शिफ्ट करने की योजना बन रही है। उन्होंने कहा कि टेरिटोरियल आर्मी फॉरेस्ट कवर संरक्षण में अहम भूमिका निभाती है और यदि इन कंपनियों को हटाया गया तो पर्यावरण और स्थानीय रोजगार दोनों प्रभावित होंगे।

उत्तराखंड को ‘लंग्स ऑफ इंडिया’ बताते हुए स्पेशल पैकेज की मांग

कर्नल रावत ने बताया कि ईटीएफ ने उत्तराखंड में अब तक करीब 2 करोड़ 85 लाख पौधे लगाए हैं। राज्य का फॉरेस्ट कवर 46.60 प्रतिशत है और पूरे देश को ऑक्सीजन देने में उत्तराखंड की अहम भूमिका है। उन्होंने मांग की कि जिस राज्य को ‘लंग्स ऑफ इंडिया’ कहा जाता है, उसे केंद्र सरकार से कम से कम 1000 करोड़ रुपये का विशेष पैकेज दिया जाए।

36 साल की गौरवशाली सेवा, कई राष्ट्रीय पुरस्कार

एक अप्रैल 1994 को तत्कालीन जनरल बीसी जोशी के प्रयासों से 130 प्रादेशिक सेना पर्यावरण बटालियन की स्थापना हुई थी। पिथौरागढ़ में इसकी चार कंपनियां तैनात हैं। वन संरक्षण, पौधरोपण और वनाग्नि नियंत्रण में अहम योगदान के लिए बटालियन को जनरल बीसी जोशी अवॉर्ड, अनिरुद्ध भार्गव अवॉर्ड और इंदिरा गांधी पर्यावरण पुरस्कार जैसे सम्मान मिल चुके हैं।

जन आंदोलन बनेगा राज्यव्यापी अभियान?

पूर्व सैनिकों और स्थानीय संगठनों ने संकेत दिए हैं कि यदि सरकार ने विस्थापन का निर्णय वापस नहीं लिया तो आंदोलन को राज्यव्यापी रूप दिया जाएगा। सीमांत क्षेत्र में इसे पर्यावरण, रोजगार और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा बताया जा रहा है।