उत्तराखंड: रेलवे जमीन विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज, बनभूलपुरा में हाई अलर्ट

हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र में रेलवे की 30 हेक्टेयर भूमि पर अतिक्रमण मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई प्रस्तावित है। संभावित संवेदनशील स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया है और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू की है।
Advertisement No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..

Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.

Example Ads Media
Banbhulpura encroachment case: SC Hearing Today on Banbhoolpura Railway Land Encroachment Case
Image: SC Hearing Today on Banbhoolpura Railway Land Encroachment Case

हल्द्वानी: हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र में रेलवे की लगभग 30 हेक्टेयर भूमि पर अतिक्रमण से जुड़े बहुचर्चित मामले में आज Supreme Court of India में सुनवाई प्रस्तावित है। इस सुनवाई पर हजारों परिवारों का भविष्य टिका हुआ है, क्योंकि मामले का सीधा असर वहां रह रहे लोगों पर पड़ सकता है।

SC Hearing Today on Banbhoolpura Railway Land Encroachment Case

संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने बनभूलपुरा को पूरी तरह छावनी में तब्दील कर दिया है। जिला पुलिस के साथ आरपीएफ, पीएसी और अन्य जिलों की पुलिस फोर्स को तैनात किया गया है। Manjunath TC (एसएसपी नैनीताल) ने स्वयं क्षेत्र का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने ड्रोन कैमरों से निगरानी और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त बल तैनात करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भ्रामक या भड़काऊ पोस्ट करने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। स्थानीय लोगों से संवाद स्थापित कर शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है।

क्या है पूरा मामला?

बनभूलपुरा क्षेत्र में रेलवे की लगभग 30 हेक्टेयर भूमि पर वर्षों से अतिक्रमण बताया जा रहा है। इस भूमि पर करीब 3660 मकान बने हैं, जिनमें 5236 परिवार निवास करते हैं। हजारों की आबादी इस क्षेत्र में रहती है। मामला संवेदनशील इसलिए भी है क्योंकि बड़ी संख्या में परिवारों का भविष्य इस फैसले से जुड़ा हुआ है।

अब तक की कानूनी स्थिति

वर्ष 2022 में Uttarakhand High Court ने अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे। प्रभावित पक्षों ने इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। जनवरी 2023 में सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश पर अंतरिम रोक लगाते हुए यथास्थिति बनाए रखने को कहा। फरवरी और मार्च 2023 की सुनवाई में कोर्ट ने राज्य सरकार और रेलवे से रिपोर्ट मांगी और पुनर्वास व मानवीय पहलुओं पर विचार करने की बात कही।
2024 और 2025 में भी इस मामले में कई तारीखें लगीं।
आज की सुनवाई को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।

प्रशासन का फोकस: शांति और कानून व्यवस्था

एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने स्पष्ट कहा है कि पुलिस का उद्देश्य केवल शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखना है। किसी भी अफवाह या उकसावे की स्थिति में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बनभूलपुरा रेलवे भूमि अतिक्रमण मामला उत्तराखंड के सबसे संवेदनशील मुद्दों में से एक बन चुका है। आज सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से हजारों परिवारों के भविष्य की दिशा तय हो सकती है। फिलहाल प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है और क्षेत्र में शांति बनाए रखने की कोशिश जारी है।