उत्तराखंड: आज होगी धामी कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक, इन प्रस्तावों को मिल सकती है मंजूरी

उत्तराखंड में विधानसभा के बजट सत्र से पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में कैबिनेट की अहम बैठक होगी। बैठक में समान नागरिक संहिता संशोधन विधेयक, विभागीय प्रतिवेदन और वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट को मंजूरी मिल सकती है।
Advertisement जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स

प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails

Example Ads Media
Uttarakhand Cabinet Meeting: Uttarakhand Cabinet Meeting Ahead of Budget Session
Image: Uttarakhand Cabinet Meeting Ahead of Budget Session

देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami की अध्यक्षता में बुधवार को राज्य मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी। यह बैठक विधानसभा के आगामी बजट सत्र से ठीक पहले हो रही है, इसलिए इसे बेहद अहम माना जा रहा है।

Uttarakhand Cabinet Meeting Ahead of Budget Session

उत्तराखंड सरकार 9 मार्च से Bhararisain (गैरसैंण) में विधानसभा का बजट सत्र आयोजित करने जा रही है। इस सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयक और विभागीय प्रतिवेदन सदन में प्रस्तुत किए जाएंगे। आगामी सत्र में समान नागरिक संहिता (UCC) संशोधन विधेयक भी पेश किया जा सकता है। बताया जा रहा है कि इस संशोधन में विभिन्न अपराधों के लिए दंड की अवधि निर्धारित करने जैसे प्रावधान शामिल हैं। इस संशोधन प्रस्ताव को पहले ही कैबिनेट की स्वीकृति मिल चुकी है। अब इसे औपचारिक रूप से सदन में विधेयक के रूप में प्रस्तुत करने की अनुमति कैबिनेट बैठक में दी जा सकती है।

विभागीय प्रतिवेदन और बजट 2026-27

बैठक में विभिन्न विभागों के वार्षिक प्रतिवेदनों को भी मंजूरी दी जा सकती है, जिन्हें बजट सत्र के दौरान सदन में पेश किया जाना है। परंपरागत रूप से ऐसे प्रतिवेदन सदन में रखने से पहले कैबिनेट की अनुमति आवश्यक होती है। इसके साथ ही वित्तीय वर्ष 2026-27 के राज्य बजट को भी कैबिनेट की मंजूरी मिलने की संभावना है। बजट में विकास योजनाओं, बुनियादी ढांचे, सामाजिक कल्याण और रोजगार जैसे मुद्दों पर विशेष फोकस रहने की उम्मीद है।

सत्र में हो सकती है व्यापक चर्चा

माना जा रहा है कि बजट सत्र के दौरान इन सभी विषयों पर विस्तार से चर्चा होगी। सरकार जहां अपनी नीतियों और उपलब्धियों को प्रस्तुत करेगी, वहीं विपक्ष भी विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश कर सकता है। राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से यह सत्र काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसमें आने वाले वित्तीय वर्ष की दिशा और प्राथमिकताएं तय होंगी।