लोक भवन में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में महिला कल्याण उत्कृष्ट सेवा और मेरी पहचान सम्मान प्रदान किए गए। राज्यपाल ने सभी महिलाओं को बधाई देते हुए कहा कि वे समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
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Image: Women employees honored for their outstanding work
देहरादून: राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने शुक्रवार को लोक भवन में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। महिला कल्याण विभाग द्वारा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस कार्यक्रमों की श्रृंखला में आयोजित इस आयोजन में राज्यपाल ने विभाग की ओर से महिला कल्याण उत्कृष्ट सेवा और मेरी पहचान सम्मान प्रदान किए।
Women employees honored for their outstanding work
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को सदैव सर्वोच्च सम्मान का स्थान दिया गया है। हमारी परंपरा में नारी को शक्ति, सृजन और संस्कार का प्रतीक माना गया है। उत्तराखंड में महिलाओं ने हर क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है। विशेष रूप से स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं ने अपनी मेहनत और संकल्प के बल पर आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं।
महिलाओं की आय में उल्लेखनीय वृद्धि
उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और आज वे न केवल अपने परिवार का संबल बनी हैं, बल्कि अन्य लोगों को भी रोजगार के अवसर प्रदान कर रही हैं। हमें संकल्प लेना चाहिए कि समाज में महिलाओं को सम्मान, समान अवसर और प्रोत्साहन प्रदान किया जाए, ताकि वे अपनी क्षमताओं का पूर्ण उपयोग करते हुए राष्ट्र के विकास में और अधिक योगदान दे सकें।
नारी के संघर्ष से सम्मान तक की यात्रा
महिला एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस नारी के संघर्ष से सम्मान तक की यात्रा का प्रतीक है। समाज में अनेक महिलाओं और बालिकाओं को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन उनके संघर्ष और साहस से ही उन्हें सम्मान और पहचान मिलती है। सरकार की नीतियों और योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। विशेष रूप से उन महिलाओं और बालिकाओं का संघर्ष प्रेरणादायक है, जिन्हें जीवन में पारिवारिक या सामाजिक सहारा कम मिला, फिर भी उन्होंने अपने प्रयासों से समाज में सम्मानजनक स्थान प्राप्त किया। इस कार्यक्रम में प्रथम महिला गुरमीत कौर, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल, राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना, सचिव राज्यपाल रविनाथ रमन, कौशल किशोर शुक्ल, विभाग के सचिव चंद्रेश कुमार यादव आदि मौजूद रहे।
सम्मानित होने वाली महिला कर्मचारियों में नारी निकेतन देहरादून की अनीता बडोनी, सोनल बिष्ट, गंगा अधिकारी, रितु शर्मा, पूजा आदि शामिल थीं।