सैन्य प्रशिक्षण के बाद गार्गी उनियाल को भारतीय वायु सेना में फ्लाइंग ऑफिसर के रूप में नियुक्त किया गया। बेटी गार्गी उनियाल की सफलता न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे उत्तराखंड के लिए गर्व का विषय है।
-
राज्य समीक्षा डेस्क
-
Advertisement
ये ट्रेक्स गूगल मैप पर भी नहीं मिलेंगे! केदार हिमालय के छुपे हुए रास्ते
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
Example Ads Media
Image: Gargi Uniyal Commissioned as Flying Officer
चमोली: उत्तराखंड के चमोली जिले के ज्योतिर्मठ की निवासी गार्गी उनियाल ने भारतीय वायु सेना में फ्लाइंग ऑफिसर बनकर क्षेत्र और राज्य का नाम रोशन किया है। बेंगलुरु में आयोजित पासिंग आउट परेड में उनकी इस उपलब्धि से परिवार और पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर है।
Chamoli’s Gargi Uniyal Commissioned as Flying Officer
उत्तराखंड के चमोली जिले के ज्योतिर्मठ के सुनील वार्ड की रहने वाली गार्गी उनियाल ने भारतीय वायु सेना में फ्लाइंग ऑफिसर बनकर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। 7 मार्च को बेंगलुरु में आयोजित पासिंग आउट परेड में उन्हें भारतीय वायु सेना में अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया।
पासिंग आउट परेड में मौजूद रहे माता-पिता
इस गौरवपूर्ण अवसर पर गार्गी के पिता दिनेश उनियाल और माता पूनम उनियाल भी उपस्थित रहे। अपनी बेटी को वायु सेना की वर्दी में देखकर परिवार और क्षेत्र के लोगों में गर्व और खुशी का माहौल देखने को मिला। गार्गी उनियाल ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा केंद्रीय विद्यालय ज्योतिर्मठ से प्राप्त की। उन्होंने वहीं से दसवीं और बारहवीं की पढ़ाई पूरी की और आगे की पढ़ाई के लिए इंजीनियरिंग की पढ़ाई चुनी।
इंजीनियरिंग के बाद एयरफोर्स
गार्गी ने घुड़दौड़ी इंजीनियरिंग कॉलेज से बीटेक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने एयर फोर्स कॉमन एडमिशन टेस्ट (AFCAT) में सफलता हासिल की और भारतीय वायु सेना में चयनित हुईं। करीब एक वर्ष के कठिन सैन्य प्रशिक्षण के बाद गार्गी उनियाल को भारतीय वायु सेना में फ्लाइंग ऑफिसर के रूप में नियुक्त किया गया।
बेटियों के लिए प्रेरणा
बेटी गार्गी उनियाल की सफलता न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे उत्तराखंड के लिए गर्व का विषय है। उनकी यह उपलब्धि युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही है और देश सेवा के प्रति समर्पण की मिसाल भी है।