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ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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चमोली: उत्तराखंड का एक जिला है चमोली...कभी रुद्रप्रयाग को खुद को समेटे हुए चमोली के युवाओं की कहानियां गजब हैं..इन्हीं गजब कहानियों में एक कहानी आंचल की भी है...
आंचल....वो बिटिया जो भले ही देहरादून में रही हो..वो बिटिया..जिसने बड़े शहर में आकर पहाड़ की बेटियों के छोटे छोटे सपनों का साकार किया...वो बिटिया...जो आज बड़े पद पर जाकर बड़ा पदभार संभालने वाली है...नाम है आंचल फर्स्वाण...पीपलकोटी के किरुली गांव की बच्ची.. आंचल फेमिना मिस इंडिया उत्तराखंड-2026 का खिताब अपने नाम चुकी हैं..देहरादून के रायपुर में रहने वाली आंचल फिजियोथेरेपी की पढ़ाई कर रही हैं...परिवार बेहद साधारण और जमीन से जुड़ा है।
पिता का नाम रविन्द्र फर्स्वाण... भारतीय सेना से सूबेदार पद से रिटायर्ड.... माता गृहिणी हैं, दादा स्वर्गीय गजपाल फर्स्वाण भी सेना में सूबेदार रहे हैं। तो आप समझ सकते हैं कि आंचल के जीवन के अनुशासन की उत्पत्ति कहां से हुई होगी.. आंचल की कहानी अद्भुत है..वो मुंबई में होने वाली फेमिना मिस इंडिया प्रतियोगिता में उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करेंगी..एक बड़े मंच पर अपनी प्रतिभा को दिखाने का इससे भला मौका क्या हो सकता है..