हल्द्वानी में पेट्रोल-डीजल की कमी के चलते हालात बिगड़ते नजर आ रहे हैं। कई पेट्रोल पंपों पर सीमित बिक्री की जा रही है, जबकि कुछ पूरी तरह बंद हो चुके हैं। सप्लाई कम होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Fuel Crisis in Haldwani Petrol Sale Limited
हल्द्वानी: हल्द्वानी में इन दिनों पेट्रोल और डीजल की किल्लत साफ तौर पर देखने को मिल रही है। प्रशासन भले ही पर्याप्त सप्लाई का दावा कर रहा हो, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग नज़र आ रही है। शहर के कई पेट्रोल पंपों पर या तो ईंधन खत्म हो चुका है या फिर सीमित मात्रा में ही बिक्री की जा रही है।
.Fuel Shortage Hits Haldwani, Petrol Sales Restricted
ट्रांसपोर्ट नगर स्थित भारत पेट्रोलियम के एक पेट्रोल पंप पर लोगों को सिर्फ 300 रुपये तक का ही पेट्रोल दिया जा रहा है। इस फैसले के चलते लोगों को अपनी जरूरत के अनुसार ईंधन नहीं मिल पा रहा, जिससे रोजमर्रा की आवाजाही प्रभावित हो रही है।
कई पेट्रोल पंप पूरी तरह बंद
HPCL से जुड़े सतवाल पेट्रोल पंप पर शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल की बिक्री पूरी तरह बंद रही। पंप कर्मचारियों के अनुसार कंपनी से सप्लाई नहीं मिलने के कारण पंप को बंद करना पड़ा। इसी दौरान पंप पर मरम्मत कार्य भी कराया गया।
प्रीमियम पेट्रोल से काम चला रहे लोग
देवलचौड़ चौराहे के पास स्थित Indian Oil Corporation के पेट्रोल पंप पर लगातार दूसरे दिन सामान्य पेट्रोल खत्म हो गया। ऐसे में उपभोक्ताओं को मजबूरी में महंगा प्रीमियम पेट्रोल खरीदना पड़ रहा है।
मांग से 20-25% कम मिल रही सप्लाई
पर्वतीय पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अनुसार मांग के मुकाबले 20 से 25 प्रतिशत तक कम ईंधन मिल रहा है। साथ ही अब कंपनियों द्वारा एडवांस पेमेंट पर ही सप्लाई दी जा रही है, जबकि पहले यह सुविधा लचीली थी। इस बदलाव ने डीलर्स की परेशानी और बढ़ा दी है। ईंधन की कमी का सीधा असर आम लोगों की दिनचर्या पर पड़ रहा है। लंबी कतारें लग रही हैं, वाहन चालकों को बार-बार पंप बदलने पड़ रहे हैं। कई लोग जरूरी कामों में देरी का सामना कर रहे हैं।
प्रशासन बनाम जमीनी हकीकत
जहां एक ओर प्रशासन स्थिति को सामान्य बता रहा है, वहीं दूसरी ओर पंपों की हालत और लोगों की परेशानी कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। यदि जल्द ही सप्लाई में सुधार नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में संकट और गहरा सकता है।
पेट्रोल-डीजल की किल्लत एक गंभीर समस्या बनती जा रही है। सीमित बिक्री और बंद पंपों ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अब सभी की नजर प्रशासन और तेल कंपनियों पर टिकी है कि कब तक हालात सामान्य होते हैं।