ऋषिकेश को मिलेगी जाम से राहत, 1105 करोड़ की लागत से बनेगा फोरलेन बाईपास.. जानिए प्रोजक्ट की खास बातें

ऋषिकेश में ट्रैफिक जाम से राहत के लिए 1105.79 करोड़ रुपये की लागत से 12.67 किमी लंबा बाईपास बनेगा। CM पुष्कर सिंह धामी के प्रयासों से केंद्र सरकार ने परियोजना को मंजूरी दी।
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Rishikesh bypass project: Rishikesh Bypass Project Approved to Ease Traffic Congestion
Image: Rishikesh Bypass Project Approved to Ease Traffic Congestion

ऋषिकेश: ऋषिकेश शहर में बढ़ते ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने के लिए एक बड़ी योजना को मंजूरी मिल गई है। केंद्र सरकार ने एनएच-7 पर तीनपानी फ्लाईओवर से खरासोटे पुल तक बाईपास निर्माण के लिए 1105.79 करोड़ रुपये की स्वीकृति दे दी है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद शहर में यातायात का दबाव काफी हद तक कम हो जाएगा और लोगों को जाम से राहत मिलेगी।

Rishikesh Bypass Project Approved to Ease Traffic Congestion

यह बाईपास कुल 12.67 किलोमीटर लंबा होगा और इसे इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एवं कंस्ट्रक्शन (EPC) मोड पर तैयार किया जाएगा। परियोजना को तीन वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। पहले इस प्रोजेक्ट की लागत 1151.18 करोड़ रुपये आंकी गई थी, जिसे संशोधित कर 1105.79 करोड़ रुपये कर दिया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि निर्माण कार्य में समय या लागत वृद्धि स्वीकार नहीं की जाएगी। यह बाईपास तीनपानी फ्लाईओवर (किमी 529.750) से शुरू होकर खरासोटे पुल (किमी 542.420) तक जाएगा। इसके मार्ग में भट्टोवाला और ढालवाला गांव शामिल होंगे। इस नई सड़क के बनने से बाहरी यातायात को शहर के अंदर प्रवेश नहीं करना पड़ेगा, जिससे ट्रैफिक जाम में काफी कमी आएगी।

CM धामी के प्रयासों से मिली मंजूरी

मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami के प्रयासों और प्रभावी पैरवी के चलते इस महत्वपूर्ण परियोजना को मंजूरी मिली है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है और यह परियोजना उसी दिशा में एक बड़ा कदम है।

पर्यटन और स्थानीय लोगों को होगा बड़ा फायदा

ऋषिकेश एक प्रमुख पर्यटन स्थल है, जहां हर साल लाखों पर्यटक आते हैं। बाईपास बनने से यात्रियों को जाम से राहत मिलेगी और उनका समय बचेगा। साथ ही स्थानीय लोगों के लिए भी आवागमन आसान होगा, जिससे व्यापार और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। परियोजना के निर्माण के लिए ई-टेंडरिंग प्रक्रिया अपनाई जाएगी। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने देहरादून के क्षेत्रीय अधिकारी को इस कार्य के लिए आहरण एवं संवितरण अधिकारी नियुक्त किया है। इससे निर्माण प्रक्रिया में पारदर्शिता और तेजी सुनिश्चित की जाएगी।
ऋषिकेश बाईपास परियोजना राज्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और ट्रैफिक समस्या के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके पूरा होने से न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि उत्तराखंड में पर्यटन और आर्थिक विकास को भी नई गति मिलेगी।