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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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पिथौरागढ़: Pithoragarh के गणकोट गांव निवासी लांस नायक Vikas Kumar का पार्थिव शरीर पांच दिन बाद उनके पैतृक आवास पहुंचा। सिक्किम में हिमस्खलन में शहीद हुए जवान को पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई।
दरअसल शुक्रवार सुबह शहीद का पार्थिव शरीर हवाई मार्ग से नैनी-सैनी एयरपोर्ट लाया गया। वहां से सेना के वाहन के जरिए उन्हें उनके गांव गणकोट पहुंचाया गया। जैसे ही पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, पूरा माहौल गमगीन हो गया। शहीद विकास कुमार की पत्नी उनका शरीर गांव पहुंचने तक रास्ते में खड़ी रही। गांव के लोगों उन्हें सांत्वना देते रहे, लेकिन अमर शहीद विकास का पार्थिव शरीर जैसे ही घर पहुंचा उनकी पत्नी फूट फूट कर रोने लगी। अंतिम दर्शनों के लिए जांबाज का ताबूत खोला गया तो उनकी पत्नी रोते हुए बार-बार कहती रही कि इन्हें अस्पताल ले चलो।