Haridwar Ganga bridge news: हरिद्वार में गंगा के ऊपर 2.5 किमी लंबा मेगा ब्रिज तैयार हो गया है। यह पुल बहादराबाद से नजीबाबाद को जोड़ेगा और ट्रैफिक जाम से राहत देगा।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Mega Bridge Over Ganga Ready in Haridwar
हरिद्वार: उत्तराखंड के हरिद्वार में गंगा नदी के ऊपर 2.50 किलोमीटर लंबा आधुनिक फोर-लेन मेजर ब्रिज बनकर तैयार हो गया है। यह पुल प्रदेश के सबसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में से एक माना जा रहा है, जो श्रद्धा की नगरी में विकास का नया उदाहरण पेश करता है। इस ब्रिज के तैयार होने से हरिद्वार आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
2.5 Km Mega Bridge Over Ganga Ready in Haridwar
यह नया पुल बहादराबाद राष्ट्रीय राजमार्ग को नजीबाबाद-हरिद्वार मार्ग से जोड़ता है। इसके बनने से यात्रियों को अब लंबा चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और यात्रा पहले की तुलना में कहीं अधिक सुगम हो जाएगी। यह कनेक्टिविटी खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो दिल्ली और आसपास के शहरों से उत्तराखंड की ओर यात्रा करते हैं। हरिद्वार में कांवड़ यात्रा, महाकुंभ, अर्धकुंभ और अन्य बड़े स्नान पर्वों के दौरान अक्सर भीषण जाम की स्थिति बन जाती थी। इस नए बाईपास और पुल के शुरू होने से अब दिल्ली, मेरठ, मुजफ्फरनगर, हरियाणा और नोएडा से आने वाले यात्री सीधे नजीबाबाद, हल्द्वानी, नैनीताल और काशीपुर की ओर जा सकेंगे। जहां पहले घंटों का समय लगता था, अब यह दूरी मात्र 15 से 20 मिनट में तय की जा सकेगी।आगे पढ़िए
861 करोड़ की लागत से तैयार बाईपास परियोजना
हरिद्वार बाईपास परियोजना के तहत करीब 15 किलोमीटर लंबा मार्ग तैयार किया जा रहा है, जिसकी कुल लागत लगभग 861 करोड़ रुपये है। इस प्रोजेक्ट को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा विकसित किया गया है। आधुनिक तकनीक और उच्च गुणवत्ता के साथ बनाए गए इस पुल से आने वाले वर्षों में यातायात व्यवस्था और अधिक बेहतर होगी। इस परियोजना में केवल विकास ही नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का भी विशेष ध्यान रखा गया है। वन्यजीवों की आवाजाही को सुरक्षित रखने के लिए एलिफेंट कॉरिडोर का निर्माण भी किया जा रहा है, जिससे जंगल और वन्यजीवों पर न्यूनतम प्रभाव पड़े।
उद्योगों और स्थानीय लोगों को होगा लाभ
यह पुल हरिद्वार के सिडकुल क्षेत्र की हजारों फैक्ट्रियों के लिए भी बेहद लाभकारी साबित होगा। भारी वाहनों को अब शहर के अंदर आने की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे शहर में ट्रैफिक का दबाव कम होगा और उद्योगों को सुगम परिवहन सुविधा मिलेगी। परियोजना से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, यह पुल हरिद्वार में श्रद्धा और विकास का संगम दर्शाता है। आने वाले कुंभ और अन्य बड़े आयोजनों में इसका सीधा लाभ लाखों श्रद्धालुओं और यात्रियों को मिलेगा।