Uttarakhand: उत्तराखंड बॉर्डर पर नेपाल ने बढ़ाई दोगुनी तैनाती, नए PM बालेन शाह की वॉर्निंग- सावधान रहें

India Nepal border security: Nepal ने India की सीमा से लगे जिलों में 240 अतिरिक्त जवान तैनात किए हैं। यह कदम मानव तस्करी और अवैध सामान की आवाजाही पर रोक लगाने के लिए उठाया गया है।
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India Nepal border security: Nepal Increases Security on India Border Deploys 240 Additional Personnel
Image: Nepal Increases Security on India Border Deploys 240 Additional Personnel

पिथौरागढ़: नेपाल में नई सरकार बनने के बाद देशभर में कई बदलाव देखने को मिल रहे हैं। इसी कड़ी में भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाया गया है। Nepal सरकार ने भारत से सटे सीमावर्ती इलाकों में निगरानी कड़ी करते हुए 240 अतिरिक्त सशस्त्र जवान तैनात कर दिए हैं। इस कदम को मानव तस्करी और अवैध सामान की आवाजाही पर रोक लगाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

Nepal Increases Security on India Border Deploys 240 Additional Personnel

नेपाल के भारत सीमा से जुड़े तीन प्रमुख जिलों—Kailali, Kanchanpur और Baitadi—में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। जानकारी के मुताबिक कैलाली और कंचनपुर में 90-90 जवान जबकि बैतड़ी में 60 जवान भेजे गए हैं। पहले जहां एक चौकी पर केवल 12 से 15 जवान तैनात रहते थे, अब उनकी संख्या बढ़ाकर करीब 30 कर दी गई है, जिससे चौकियों पर निगरानी लगभग दोगुनी हो गई है।

तस्करी के मामलों के बाद लिया गया फैसला

हाल ही में नेपाल पुलिस ने भारत से तस्करी कर लाया जा रहा बड़ी मात्रा में सामान पकड़ा था। इसके बाद सीमा सुरक्षा को और मजबूत करने का निर्णय लिया गया। नेपाल के गृह मंत्री सुधन गुरंग के निर्देश पर यह कदम उठाया गया, जिससे सीमा क्षेत्रों में अवैध गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके।

उत्तराखंड से जुड़े सीमावर्ती क्षेत्र

नेपाल के कई सीमावर्ती जिले भारत के Uttarakhand राज्य से सटे हुए हैं। जिनमें बैतड़ी और दार्चुला जिले Pithoragarh से जुड़े हैं, कंचनपुर जिला Champawat और Udham Singh Nagar से जुड़ा है। इन क्षेत्रों के बीच बहने वाली काली नदी दोनों देशों की प्राकृतिक सीमा तय करती है। आगे पढ़िए..

खुली सीमा हमेशा से रही संवेदनशील

भारत और नेपाल के बीच खुली सीमा लंबे समय से संवेदनशील मानी जाती रही है। यहां कई बार मानव तस्करी, खाद्य सामग्री, कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक्स और मवेशियों की अवैध ढुलाई के मामले सामने आते रहे हैं। पहाड़ी और नदी क्षेत्रों के कारण कई जगह निगरानी करना चुनौतीपूर्ण होता है, जिसका फायदा उठाकर तस्कर सक्रिय रहते हैं। नेपाल की ओर से सुरक्षा कड़ी किए जाने के बाद भारत की सुरक्षा एजेंसियां भी अलर्ट हो गई हैं। खासतौर पर झूलाघाट, जौलजीबी और धारचूला जैसे सीमावर्ती इलाकों में एसएसबी द्वारा निगरानी बढ़ा दी गई है। हाल ही में झूलाघाट में एक संदिग्ध नेपाली व्यक्ति के शव को जांच के बाद वापस लौटाने की घटना भी सामने आई थी, जिससे सुरक्षा एजेंसियां और सतर्क हो गई हैं।

अधिकारियों का बयान

नेपाल के बैतड़ी जिले में तैनात डीएसपी जंग बहादुर कुंवर ने बताया कि सीमा से लगे क्षेत्रों में अतिरिक्त जवान तैनात कर दिए गए हैं और अन्य संवेदनशील इलाकों में भी सुरक्षा बढ़ाई जा रही है।

क्या संकेत देता है यह कदम?

नेपाल द्वारा सीमा पर अतिरिक्त सशस्त्र बल तैनात करना साफ संकेत देता है कि सरकार अब तस्करी और अवैध गतिविधियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाने जा रही है। यह कदम न केवल सीमा सुरक्षा को मजबूत करेगा, बल्कि दोनों देशों के बीच समन्वय और निगरानी व्यवस्था को भी और प्रभावी बनाएगा।