Roorkee से Dehradun के बीच इकोनॉमिक कॉरिडोर शुरू होने के बाद यात्रियों को अब दो टोल प्लाजा से गुजरना होगा। इससे यात्रा की लागत बढ़ने की संभावना है, खासकर रोजाना आने-जाने वालों के लिए।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Roorkee to Dehradun Economic Corridor Travel Cost Increase
देहरादून: रुड़की से देहरादून के बीच शुरू हुए इकोनॉमिक कॉरिडोर पर अब यात्रियों को दो टोल प्लाजा से होकर गुजरना होगा। इससे इस मार्ग पर यात्रा की लागत बढ़ने की संभावना है। अभी तक इस रूट पर केवल भगवानपुर टोल से शुल्क लिया जा रहा है, लेकिन जल्द ही गणेशपुर टोल भी शुरू होने वाला है।
Roorkee to Dehradun Economic Corridor Travel Cost Increase
भगवानपुर टोल प्लाजा पर फिलहाल वाहनों से एक तरफ का लगभग 55 रुपये शुल्क लिया जा रहा है। इस टोल के कारण पहले से ही यात्रियों को अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है। रुड़की-देहरादून मार्ग पर दूसरा टोल प्लाजा गणेशपुर में बनाया गया है, जो अभी पूरी तरह से चालू नहीं हुआ है। हालांकि, इसे जल्द ही शुरू किए जाने की संभावना जताई जा रही है। इसके शुरू होते ही यात्रियों को दो स्थानों पर टोल शुल्क देना होगा।
यात्रा होगी आसान, लेकिन खर्च बढ़ेगा
हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का लोकार्पण किया था। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य तेज, सुरक्षित और सुगम यातायात उपलब्ध कराना है, जिससे यात्रा का समय कम हो सके। इस कॉरिडोर के शुरू होने से जहां एक ओर यात्रा तेज और सुविधाजनक होगी, वहीं दूसरी ओर यात्रियों की जेब पर अतिरिक्त बोझ भी पड़ेगा। खासकर रोजाना इस मार्ग से आने-जाने वाले लोगों के लिए यह खर्च काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
टोल दरों को लेकर बनी हुई है स्थिति स्पष्ट नहीं
गणेशपुर टोल प्लाजा की दरें अभी तय नहीं की गई हैं। हालांकि, उम्मीद की जा रही है कि यह भी सामान्य टोल दरों के अनुसार ही होंगे। एनएचएआई के अधिकारियों के अनुसार, टोल संचालन से जुड़े सभी नियमों और दरों को जल्द अंतिम रूप दिया जाएगा।
स्थानीय लोगों की चिंता और मांग
स्थानीय लोगों और दैनिक यात्रियों का कहना है कि सड़क सुविधा बेहतर होने के साथ-साथ खर्च भी बढ़ रहा है। कई लोग रोजाना इस मार्ग का उपयोग करते हैं, ऐसे में दो टोल देना उनके लिए आर्थिक रूप से भारी पड़ सकता है। लोगों ने प्रशासन से टोल दरों में संतुलन बनाए रखने और स्थानीय वाहनों के लिए छूट देने की मांग की है।
इकोनॉमिक कॉरिडोर से जहां यात्रा सुगम और तेज होगी, वहीं टोल शुल्क के कारण खर्च भी बढ़ेगा। अब सभी की नजर गणेशपुर टोल प्लाजा के शुरू होने और उसकी दरों पर टिकी है, जिससे इस मार्ग पर यात्रा की वास्तविक लागत का स्पष्ट अंदाजा लगाया जा सके।