हरिद्वार में 76 वर्षीय व्यक्ति ने 43 वर्षीय महिला से शादी की, जिसके बाद परिजनों से खतरे के चलते दंपति ने नैनीताल हाई कोर्ट का रुख किया। हाईकोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिए हैं कि खतरा मिलने पर दंपति की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Uttarakhand High Court Orders Protection for Haridwar Couple
हरिद्वार: हरिद्वार से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, यहां एक 43 वर्षीय महिला ने 76 वर्षीय आदमी से शादी की। शादी के बाद दंपति को अपने ही परिजनों से खतरा महसूस हुआ, जिसके चलते उन्हें अदालत का रुख करना पड़ा।
Uttarakhand High Court Orders Protection for Haridwar Couple
नैनीताल हाई कोर्ट ने मामले में सुनवाई करते हुए हरिद्वार के शफीक हसन और उनकी पत्नी शायरा बानो को सुरक्षा देने के निर्देश जारी किए हैं। न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल ने एसएसपी हरिद्वार को निर्देश दिए कि यदि दंपति को किसी प्रकार का खतरा हो तो उनकी जीवन और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। साथ ही संबंधित थाना प्रभारी को भी निर्देशित किया गया कि आरोपित पक्षों को बुलाकर उन्हें कानून अपने हाथ में न लेने की चेतावनी दी जाए। आगे पढ़िए..
पूर्व पत्नी की सहमति का कोई ठोस प्रमाण नहीं
दंपति ने अदालत को बताया कि उन्होंने 11 मार्च 2023 को मुरादाबाद में शादी की थी और तब से साथ रह रहे हैं। उनकी एक बेटी भी है, शायरा बानो पहले से तलाकशुदा हैं। शफीक हसन ने अपनी पूर्व पत्नी की सहमति से शादी करने का दावा किया। हालांकि, कोर्ट में यह भी सामने आया कि तलाक की स्पष्ट तारीख और पूर्व पत्नी की सहमति का कोई ठोस प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया।
दंपति का आरोप: परिजनों से खतरा
दंपति ने आरोप लगाया कि उन्हें हसन के बेटे गुलशेर और बानो के देवर नौशाद और दिलशाद से जान का खतरा है। उन्होंने 10 अप्रैल को एसएसपी हरिद्वार को शिकायत भी दी थी, लेकिन कार्रवाई न होने पर हाई कोर्ट की शरण ली।
अदालत ने माना कि विवाह पंजीकृत है, इसलिए पुलिस को खतरे के दावे की गंभीरता से जांच करनी चाहिए। यदि खतरा सही पाया जाता है, तो दंपति की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।