उत्तराखंड: अब चीन बॉर्डर पर भी बजेगी मोबाइल की घंटी, नीती घाटी में पहली बार 4G इंटरनेट शुरू

उत्तराखंड की नीती घाटी में पहली बार मोबाइल और 4G इंटरनेट सेवा शुरू हुई है। BSNL ने तीन टावर लगाकर इस दुर्गम क्षेत्र को देश-दुनिया से जोड़ा है, जिससे सेना और स्थानीय लोगों को बड़ा लाभ मिलेगा।
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Niti Valley 4G internet: 4G Mobile Network Launched for the First Time in Niti Valley
Image: 4G Mobile Network Launched for the First Time in Niti Valley

देहरादून: उत्तराखंड के चमोली जिले की दुर्गम Niti Valley में पहली बार मोबाइल नेटवर्क और 4G इंटरनेट सेवा शुरू हो गई है। चीन सीमा से सटे इस बेहद दुर्गम क्षेत्र में अब मोबाइल की घंटी बजने लगी है, जिससे यह इलाका सीधे देश-दुनिया से जुड़ गया है। यह सुविधा यहां तैनात सुरक्षा बलों और स्थानीय ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है।

4G Mobile Network Launched for the First Time in Niti Valley

Bharat Sanchar Nigam Limited (BSNL) ने नीती घाटी के नीती, क्यूंगलूनग और बमल्स गांव में तीन मोबाइल टावर स्थापित किए हैं। इन टावरों का विधिवत संचालन 27 अप्रैल से शुरू हो चुका है। इसके साथ ही पूरे क्षेत्र में मोबाइल और 4G इंटरनेट सेवा उपलब्ध हो गई है। इस नई संचार सुविधा से सीमा पर तैनात सेना को बड़ा लाभ मिलेगा। अब सैन्य अधिकारी सीधे अपने मुख्यालय से संपर्क कर सकेंगे। ऑडियो और वीडियो कॉल की सुविधा मिलने से सामरिक संचार मजबूत होगा और सीमाई सुरक्षा को और प्रभावी बनाया जा सकेगा।

स्थानीय लोगों के जीवन में बड़ा बदलाव

नीती घाटी के ग्रामीणों के लिए यह सेवा कई मायनों में महत्वपूर्ण है। अब वे देश-दुनिया से जुड़े रह सकेंगे। स्वास्थ्य, शिक्षा, आपदा प्रबंधन और सरकारी योजनाओं की जानकारी आसानी से मिल सकेगी। आपात स्थिति में प्रशासन से सीधा संपर्क संभव होगा, जिससे जीवन स्तर में सुधार आएगा। यह पहल Vibrant Village Programme के अंतर्गत की गई है। इस योजना का उद्देश्य सीमावर्ती गांवों का समग्र विकास करना, पलायन रोकना और उन्हें देश की दूसरी रक्षा पंक्ति के रूप में मजबूत बनाना है। इस योजना के तहत उत्तराखंड के चीन और नेपाल सीमा से लगे 91 गांवों में विकास कार्य प्रस्तावित हैं, जिनमें पहले चरण में 51 गांव शामिल हैं। आगे पढ़िए..

कठिन परिस्थितियों में तैयार हुआ नेटवर्क

कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और प्रतिकूल मौसम के बावजूद BSNL ने एक वर्ष से भी कम समय में इस क्षेत्र को संचार सुविधा से जोड़ दिया। मोबाइल टावरों के संचालन के लिए डीजल जनरेटर, सोलर पैनल और उच्च क्षमता की बैटरियां लगाई गई हैं। साथ ही वी-सैट तकनीक का उपयोग कर नेटवर्क को स्थिर और प्रभावी बनाया गया है। मोबाइल और इंटरनेट सेवा शुरू होने से इस क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। व्यापार और लॉजिस्टिक्स में भी सुधार होगा, जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
Jai Singh Chauhan के अनुसार, नीती घाटी को संचार सेवा से जोड़ना एक बड़ी उपलब्धि है। अब इस क्षेत्र से देश के किसी भी हिस्से में ऑडियो और वीडियो कॉल की जा सकती है। आने वाले समय में अन्य सीमांत क्षेत्रों को भी इसी तरह संचार सेवाओं से जोड़ने की योजना पर काम जारी है।